संतकबीर नगर: डीएम भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जनपद स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। इस बैठक में प्वाइंट आफ सेल(पीओएस)का कितना उपयोग हो रहा है, इसके उपयोग में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है, इसके अलावा खाद की उपलब्धता व वितरण के बारे में चर्चा की गई। थोक व फूटकर विक्रेताओं ने अपनी समस्याएं गिनाई और अधिकारियों ने इसका जवाब भी दिया। डीएम ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनपद के सभी विक्रेता पीओएस से ही खाद की बिक्री करें। यदि जांच में बगैर पीओएस के खाद बेचते मिलेंगे तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया जाएगा और लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही भी की जाएगी।

जिला कृषि अधिकारी(डीएओ) पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जनपद में कुल क्रियाशील खाद विक्रेताओं की संख्या-682 है। इसमें आइएफडीसी-30, होब्ड, डीसीडीएफ-27, केंद्रीय उपभोक्ता केंद्र-03, एग्रो-02, पीसीएफ-04, विपणन-06, एग्री जंक्शन-12, गन्ना समिति-01, साधन सहकारी समिति-83 तथा निजी दुकानों की संख्या 512 है। 566 कारोबारियों के पास उपलब्ध पीओएस में खाद के स्टाक की फी¨डग हुई है। शेष 116 विक्रेता ऐसे हैं जिनकी खाद की दुकान बंद हो गई है या फिर लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई है। ऐसे विक्रेताओं से जल्द पीओएस लेने के लिए पहल की जा रही है। 15 पीओएस खराब हैं, पीओएस न चलाने वाले 35 खाद विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। जल्द ही कंपनियों के प्रतिनिधि इस जिले में आएंगे, जनपद व ब्लाक स्तर पर कैंप लगाकर पीओएस का वितरण किया जाएगा और खराब पीओएस सही किए जाएंगे। पीओएस चलाने के लिए तीन विकल्प हैं, जैसे- ब्रांडबैंड, वाइफाइ व सिम, इनमें से किसी भी एक के जरिए विक्रेता पीओएस चला सकेंगे। डीएओ ने कहाकि जनपद में यूरिया का लक्ष्य 12,808 एमटी, उपलब्धता-16,157 एमटी तथा वितरण-11,276 एमटी हुआ है। डीएपी का लक्ष्य-955 एमटी, उपलब्धता-3,988 एमटी व वितरण-900 एमटी हुआ है। एनपीके का लक्ष्य-253 एमटी, उपलब्धता-455 एमटी व वितरण-201 एमटी हुआ है। एमओपी का लक्ष्य 155 एमटी, उपलब्धता-196 एमटी व वितरण-115 एमटी हुआ है। जबकि ¨सगल सुपर फास्फेट(एसएसपी)का लक्ष्य 537 एमटी, उपलब्धता-1,742 व वितरण-1,350 एमटी है। एक खाद विक्रेता ने कहाकि बुजुर्गों का तथा जिनका अंगूठा घिस चुका है, इन्हें पीओएस से खाद देने में दिक्कत हो रही है। इस पर इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक एनके सिरोही ने कहाकि एक से दो साल में पीओएस में और बदलाव होने वाला है, किसी भी आधार कार्डधारक व्यक्ति के अंगूठा से पहचान में दिक्कत होने पर आंख की पुतली आदि से भी पहचान हो सकेंगी। इसके अलावा पीओएस में अंगूठा लगाते ही किसान के खेत का ब्योरा भी सामने आ जाएगा। इन्होंने कहाकि पीओएस में फीड खाद के स्टाक के आधार पर ही दुकानों का सत्यापन होगा। पीओएस के स्टाक से अधिक अथवा कम खाद मिलने पर गड़बड़ी मानी जाएगी। यदि कोई विक्रेता कम दर पर खाद बेंच रहा है तो इसका मतलब वह नकली खाद है। बैठक में सीडीओ हाकिम ¨सह, जेडी-बस्ती मंडल ओपी ¨सह, उप कृषि निदेशक लोकेंद्र ¨सह, जिला उद्यान अधिकारी एसके दूबे के अलावा अन्य अधिकारी, विक्रेता आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran