जामा मस्जिद सदर जफर अली AIMIM में शामिल, संभल में सपा को चुनौती, काट चुके हैं जेल
जामा मस्जिद के सदर जफर अली, जिन्होंने सर्वे विरोध हिंसा में जेल काटी थी, अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम में शामिल हो गए हैं।

जागरण संवाददाता, संभल। 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे विरोध में हुई हिंसा के प्रकरण में 131 दिन की जेल काटने वाले जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने आखिरकार सियासत में कदम रख दिया है।
उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेशाध्यक्ष शौकत अली से मुलाकात करते हुए शनिवार को मुरादाबाद में हुई पार्टी की जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली है।
हिंसा के बाद जब वह जेल से बाहर आए थे तो उन्होंने 2027 में विधायकी का चुनाव लड़ने का दावा किया था और अब अनुमान है कि वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से ही चुनावी मैदान में उतरेंगे।
उनके मैदान में उतरने से समाजवादी पार्टी के लिए वोट बैंक खिसकने का अनुमान है, क्योंकि इस समय मौजूदा स्थिति में एआईएमआईएम पार्टी से ही संभल की नगर पालिका अध्यक्ष आशिया मुशीर हैं। इससे चर्चाएं हैं कि संभल शहर में एआईएमआईएम का जनाधार बढ़ सकता है।
2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। उसी के तहत अब सियासी हवा भी बदलने लगी है। राजनीतिक दलों के लोग इधर-उधर आ-जा रहे हैं। इसी क्रम में संभल की सियासत में भी एक दृश्य सामने आया है।
जेल से छूटने के बाद संभल पहुंचे जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने 17 अक्टूबर को एलान किया कि वह भी संभल विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने मौजूदा विधायक इकबाल महमूद पर भी निशाना साधा था। अब उन्होंने एआईएमआईएम का दामन थामकर संकेत दे दिए हैं कि वह इसी पार्टी से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
हालांकि अभी इसकी उन्होंने चुनाव लड़ने की कोई पुष्टि नहीं की है लेकिन, पार्टी की सदस्यता लेने की बात को सत्य बताया है। राजनीति के जानकारों की बात मानें तो सदर के राजनीति में सक्रिय होना सपा के लिए चुनौती हो सकता है, क्योंकि संभल नगर पालिका में एआईएमआईएम की ही चेयरमैन हैं। उन्होंने सपा विधायक इकबाल महमूद की पत्नी पालिका चुनाव को हराया था।
