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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने की कवायद शुरू

By JagranEdited By:
Published: Wed, 20 Jun 2018 12:49 AM (GMT+05:30)

अंकित गोस्वामी, सम्भल : तहसील क्षेत्र के गांव फिरोजपुर में ध्वस्त हो चुके सैयद फिरोजशाह के

ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने की कवायद शुरू
ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने की कवायद शुरू

अंकित गोस्वामी, सम्भल : तहसील क्षेत्र के गांव फिरोजपुर में ध्वस्त हो चुके सैयद फिरोजशाह के किले का कायाकल्प हो रहा है। पुरातत्व विभाग किले की मरम्मत और चहारदीवारी पर एक करोड़ 40 लाख रुपये खर्च कर रहा है। मरम्मत के लिए किले पर लाल पत्थर पहुंच चुका है। पिछले 20 दिन से दो दर्जन से अधिक मजदूर काम में जुटे है। एक निजी कम्पनी को किले की बाउंड्री और मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है।

शाहजहां के सेनापति सैयद फिरोज शाह ने वर्ष 1643 में गांव फिरोजपुर में किले का निर्माण कराया था। आगरा में दुश्मनों की घेराबंदी किये जाने के बाद सैयद फिरोज खां फिरोजपुर आकर रुके और एक किले का निर्माण कराया। इसलिए इस गांव का नाम फिरोजपुर रखा गया। किले के निकट ही एक बुर्ज और कुआं बना है जबकि निकट में एक मस्जिद बनी है। लापरवाही के कारण किले की हालत जर्जर हो गयी। किला खंडहर में तब्दील हो चुका तो पुरातत्व विभाग नींद से जागा। चार माह पहले विभाग ने एक निजी कम्पनी को एक करोड़ 40 लाख रुपये का बजट पास कर मरम्मत और चहारदीवारी करने के लिए जिम्मेदारी दी। बाउंड्री खोद दी गई लेकिन जब ठेकेदार को पेमेंट नही मिल सका तो काम रुकवा दिया गया। 20 दिन पहले विभाग ने फिर से काम शुरू करा दिया। दो दर्जन से अधिक मजदूर तेजगति से किले की चहारदीवारी और मरम्मत में जुटे है। ट्रकों से भरकर किले की मरम्मत के लिए लाल पत्थर पहुंच चुका है। पुरातत्व विभाग मेरठ, संरक्षक सहायक मुकेश वर्मा ने बताया कि किले की मरम्मत कराई जा रही है। अब तेजगति से काम कराया जा रहा है। किले के दो गेट भी बनेंगे।

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कोट-

किले की बाउंड्री होने के बाद काम रुका तो हमें निराशा लगी। 20 दिन पहले पुरातत्व विभाग ने लाल पत्थर भेजकर काम फिर शुरू कराया है। जल्द किले की हालत सुधर जाएगी और सैयद फिरोजशाह द्वारा बनवाया किला उनकी याद को ताजा करेगा।

रजत शर्मा, निवासी फिरोजपुर सैयद फिरोजशाह ने हमारे गांव में किले का निर्माण कराया था। पुरातत्व विभाग की अनदेखी के कारण किला खंडहर में तब्दील ही गया। अब विभाग ने 1 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट जारी कर काम शुरू कराया है। कुछ दिन पहले काम रुका तो हम लोग भी आहत हुए लेकिन अब एक बार फिर उम्मीद जागी है।

साबिर हुसैन, निवासी फिरोजपुर