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'मां, मेरा बस एक सवाल?...मेरी खता तो बता जाती...' झाड़ियों में मिला नवजात, पास बैठे कुत्ते कर रहे थे रखवाली!

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:58 PM (IST)

संभल के गुन्नौर में एक नवजात शिशु झाड़ियों में लावारिस मिला, जिसकी सिसकियों ने सुबह के सन्नाटे को तोड़ा। एक ...और पढ़ें

गुन्नौर सीएचसी में नवजात बच्चे को गोद में लिए खड़े पुलिस कर्मी। जागरण

गुन्नौर सीएचसी में नवजात बच्चे को गोद में लिए खड़े पुलिस कर्मी। जागरण

HighLights

  1. जन्म के बाद नवजात बच्चे को झाड़ियों में छोड़ गए, पास में बैठे में मिले कुत्ते

संवाद सूत्र, गुन्नौर (संभल)। मां... मेरी क्या खता थी? मैंने ऐसा क्या किया था कि दुनिया में आंखें खोलते ही मुझे तेरी गोद के बजाय झाड़ियों में जगह मिली? मुझे तो अभी तेरे आंचल की छांव चाहिए थी। तेरी सीने से लगकर सुकून की नींद सोना था। तेरी उंगली पकड़कर जिंदगी की राह पर चलना सीखना था।

मगर, मेरी पहली सुबह ही इतनी बेरहम क्यों हो गई? मंगलवार तड़के गांव गंगावास में झाड़ियों के बीच मिले नवजात की खामोश मौजूदगी मानो ऐसे ही अनगिनत सवाल पूछ रही थी। उसकी सिसकियों ने सुबह के सन्नाटे को तोड़ा तो एक महिला के कदम ठिठक गए।

वह गोबर डालने जा रही थी। रोने की आवाज सुनकर वह झाड़ियों के पास पहुंची तो वहां नन्हीं-सी जान पड़ी थी। वह मासूम, जो अभी अपनी पीड़ा किसी को बता भी नहीं सकता था, अकेला जिंदगी की पहली जंग लड़ रहा था।

जिस उम्र में बच्चे को मां की गोद में सुरक्षित महसूस करना चाहिए, उस उम्र में इस नवजात के चारों ओर झाड़ियां थीं। न कोई उसे सीने से लगाने वाला था और न ही उसकी तकलीफ समझने वाला।

उसकी दोनों एड़ियों पर किसी कीड़े के काटने के निशान भी मिले। आखिर वह कितनी देर वहां पड़ा रहा होगा? किसने उसे वहां छोड़ा और किन हालात में छोड़ा? इन सवालों के जवाब अभी किसी के पास नहीं हैं।

लेकिन उसकी हालत देखकर ग्रामीणों का दिल पसीज गया। महिला ने गांव पहुंचकर लोगों को जानकारी दी तो कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वे नवजात को अपने घर ले आए। जिस मासूम को अपनों का साथ मिलना चाहिए था, उसे अनजान लोगों ने सहारा दिया।

सूचना मिलने पर पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस ने नवजात को अपने संरक्षण में लेकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर पहुंचाया। इसके बाद चाइल्ड लाइन के कर्मचारी उसे अपने साथ ले गए।

नवजात को किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। गांव में उसके मिलने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं जरूर होती रहीं, लेकिन सच्चाई सामने आना बाकी है।

एसएसआई संदीप मलिक ने बताया कि नवजात शिशु के मिलने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। नवजात को उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया गया है। उच्चाधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है।

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