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25 हजार वाला 5000 में… लॉकडाउन के दौरान बनाया मोबाइल चोरी का गिरोह, दिल्ली में बेचते थे सस्ते फोन

Published: Sun, 11 Oct 2026 05:11 PM (IST)

संभल पुलिस ने एक मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लॉकडाउन में सक्रिय हुआ था और नाबालिगों का इस्तेमाल कर भीड़भाड़ वाले बाजारों से फोन चुराता था।

बहजोई में मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी। सौ. पुलिस

बहजोई में मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी। सौ. पुलिस

HighLights

  1. लॉकडाउन में सक्रिय हुआ मोबाइल चोरी गिरोह पकड़ा गया।

  2. नाबालिगों का इस्तेमाल कर बाजारों से फोन चुराते थे।

  3. चोरी के फोन दिल्ली में सस्ते दामों पर बेचे जाते थे।

जागरण संवाददाता, संभल। गूगल पर प्रसिद्ध बाजार तलाशते, फिर वहां पहुंचकर नाबालिगों से मोबाइल फोन चोरी कराते थे। गुन्नौर पुलिस की गिरफ्त में आए झारखंड के दिनेश कुमार मेहतो, सुरजन कुमार शाह और करन कुमार से पूछताछ में गिरोह का तरीका सामने आया है।

कोरोना काल के लॉकडाउन में मजदूरी बंद होने के बाद सक्रिय हुए गिरोह के सदस्य बिहार और झारखंड के 10 से 15 वर्ष तक के नाबालिगों को काम दिलाने के बहाने लाते थे। पकड़ा गया 14 वर्षीय नाबालिग बिहार के कटिहार से लाया गया था। उसके पिता पहले सुरजन के चाचा के साथ मजदूरी कर चुके थे।

दिनेश और सुरजन वारदात के दौरान नाबालिग के आगे-पीछे चलते थे। चोरी किया मोबाइल साथी को थमाया जाता था, जबकि करन बाजार से बाहर सड़क किनारे चोरी के मोबाइल फोन एकत्रित करने का इंतजार करता था। तीन-चार फोन इकट्ठे होने पर सदस्य निकल जाते थे। संभल के अलावा हाथरस, कासगंज, एटा और अलीगढ़ में वारदात करने वाला गिरोह पुलिस की घेराबंदी बढ़ने पर जिला बदल देता था।

कासगंज में दबिश के बाद वे अलीगढ़ से संभल आए थे। गिरोह करीब तीन महीने से अलीगढ़ में रह रहा था। चोरी के फोन दिल्ली के करोल बाग स्थित फुटपाथ बाजार में रात 12 से सुबह पांच बजे तक बेचते थे। 25 हजार रुपये का फोन करीब पांच हजार में बिकता था।

खरीदार कोई आम आदमी नहीं बल्कि ऐसे लोग होते हैं जो फोन के पुर्जे दूसरे मोबाइलों में इस्तेमाल करते थे। दिनेश ने बताया कि उसका परिवार साधारण आर्थिक स्थिति वाला है और उसका भाई भी मोबाइल चोरी में शामिल है।

सुरजन के पिता सराफ हैं, जबकि करन करीब एक महीने पहले मजदूरी की तलाश में उनके साथ जुड़ा था। गूगल सर्च हिस्ट्री और मिले ऑडियो काल के आधार पर करीब 500 मोबाइल चोरी की आशंका है। गिरोह ने हाल में 1.93 लाख रुपये के मोबाइल बेचने की बात भी सामने आई है। पुलिस खरीदारों की पहचान में जुटी है।

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