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संभल में गणेश शोभायात्रा के लिए लागू हुआ रूट डायवर्जन प्लान, कई जगहों पर की गई पार्किंग की व्यवस्था

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:20 PM (IST)

संभल और चंदौसी में गणेश शोभायात्रा और चतुर्थी उत्सव के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, जिसमें रूट डायवर्जन, पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल हैं।

गणेश शोभायात्रा के लिए लागू हुआ रूट प्लान।

गणेश शोभायात्रा के लिए लागू हुआ रूट प्लान।

HighLights

  1. चंदौसी में गणेश शोभायात्रा के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया।

  2. श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई।

  3. गणेश आश्रम में कैलाश मानसरोवर झांकी श्रद्धालुओं के लिए तैयार।

संवाद सहयोगी, चंदौसी। भगवान श्रीगणेश की शोभायात्रा आज बड़े ही धूमधाम से निकाली जाएगी। पुलिस प्रशासन ने रथयात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए नगर में रूट डायवर्जन का प्लान लागू किया है, ताकि जाम की समस्या न बने। मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई हैं, ताकि राहगीरों को रूट के हिसाब से निकाला जा सके।

इसके अलावा वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सीओ विवेक जावला ने बताया कि शोभायात्रा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और नगरवासियों को किसी भी तरह की समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखकर रूट प्लान लागू किया गया है। शोभायात्रा मार्ग पर सुबह से ही सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इस लिए नगर में आने वाले प्रमुख मार्गों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है, बैरियर लगाए गए हैं, ताकि लोग निर्धारित रूट से मेला ग्राउंड और शोभायात्रा में शामिल हो सकें।

इन जगहों पर बंद रहेगा ई- रिक्शा और चौपहिया वाहनों का आवागमन

श्रीगणेश चौथ रथयात्रा के लिए नगर में फव्वारा चौक, भगत सिंह चौक, मालवीय चौक, बीएमजी तिराहा, चूने वाली गली, घंटाघर, बड़ा बाजार, कैथल गेट, अर्द्धनारीश्वर मंदिर, गीता सत्संग भवन, सीता रोड, मनिहार चौक आदि रोड पर ई- रिक्शा और चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।

यहां पर लगे बैरियर

  • गीता सत्संग भवन तिराहा बैरियर से गणेश मंदिर तक
  • मनिहार तिराहे से गणेश मंदिर तक
  • अर्द्धनारीश्वर मंदिर तिराहे से मेले की ओर
  • गणेश चौक मेला गेट से गणेश मेले की ओर
  • ब्रह्म बाजार तिराहे और कैथल गेट की पुलिया
  • गुलडेहरा तिराहे, खुर्जा गेट और रोटरी क्लब बैरियर

ये रहेगी पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्था

  • पथरा रोड तिराहे पर अस्थायी रोडवेज बस अड्डे का संचालन किया जाएगा।
  • पंडित हनुमान सिंह ग्राउंड में पथरा रोड की तरफ से आने वाले सभी प्रकार के वाहनों के लिए पार्किंग।
  • गुलडेहरा रोड पर मझार के सामने छोटे वाहनों के लिए पार्किंग।
  • गोशाला रोड पर (बीएसएनएल टावर) के पास सभी प्रकार के वाहनों के लिए पार्किंग।
  • कैथल गेट की पुलिया के पास दाऊजी मंदिर परिसर में चार पहिया व दो पहिया वाहनों की पार्किंग।
  • चंदौसी इंटर कालेज और अजंता टाकेज में सभी प्रकार के वाहनों के लिए पार्किंग

रथयात्रा मार्गों और तिराहे-चौराहों पर सीसीटीवी से रहेगी पैनी नजर

चंदौसी। रथयात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। नगर के सभी रथयात्रा मार्गों, प्रमुख तिराहों और चौराहों को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है, जिससे हर एक गतिविधि पर पुलिस की सीधी नजर रहेगी। प्रभारी निरीक्षक संत कुमार ने बताया कि मेले और रथयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

नालों की किनारे की गई बैरिकेडिंग

नगर में रथयात्रा मार्ग और मेला ग्राउंड की ओर जाने वाले रास्तों के बीच बड़े बड़े नाले हैं, जिन्हें बैरिकेडिंग और दीवार खींचकर बंद किया गया है। नालों को लोहे के जाल से भी बंद किया गया है।

गौरतलब है कि दो सितंबर साल 2025 में मेला ड्यूटी के दौरान बिजनौर के गांव पुरैनी निवासी हेड कांस्टेबल रजनीश की नाले में डूबने से मौत हुई थी। बारिश के दौरान सड़क और नाले के बीच का अंदाजा नहीं हुआ और कांस्टेबल की बाइक नाले में समा गई थी।

आज घर-घर विराजेंगे गणपति बप्पा, दिखेगा भक्ति का माहौल

नगर में आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मुंबई की तर्ज पर घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। अनंत चतुर्दशी तक चलने वाले इस 12 दिवसीय गणेश महोत्सव के दौरान पूरा शहर बप्पा की भक्ति में सराबोर रहेगा।

शहर के लगभग आठ हजार से अधिक घरों और विभिन्न सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है। श्रद्धालु आज सुबह से ही विधिवत पूजन-अर्चन के बाद अपने घरों व पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित कर रहे हैं।

महोत्सव के दौरान अगले कई दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, आगामी 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन धूमधाम से गंगातट पर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

श्रीगणेश मंदिर से बांटी गईं 1001 गणपति प्रतिमाएं

गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर श्री गणेश मेला परिषद की ओर से रविवार को श्रीगणेश मंदिर से 1001 निशुल्क गणपति प्रतिमाओं का वितरण किया गया। पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस पहल से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।

मीडिया प्रभारी शुभम अग्रवाल ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। मेला परिषद के पदाधिकारियों ने अपने हाथों से श्रद्धालुओं को मिट्टी की बनी प्रतिमाएं सौंपीं।

मेले में उचक्के सक्रिय

श्रीगणेश मंदिर में उचक्के सक्रिय हो गए हैं। चंदौसी के साईं लोक कालोनी फेज -2 के रहने वाले दृगपाल सिंह की जेब से शनिवार की शाम उचक्कों ने मोबाइल गायब कर दिया। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

गणेश आश्रम में कैलाश मानसरोवर झांकी का शुभारंभ

सीता रोड स्थित गणेश आश्रम में इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर तैयार की गई कैलाश मानसरोवर यात्रा झांकी का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष लता वार्ष्णेय द्वारा किया गया। शुभारंभ के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महादेव के दर्शन किए तथा “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा गणेश आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा।

झांकी संयोजक रविंद्र कुमार ‘रूपी’ ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा की धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुभूति को श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस झांकी को विशेष रूप से तैयार किया गया है।

इस अवसर पर मेला सचिव हरिगोपाल वार्ष्णेय, ललित किशोर गुप्ता, सुधीर गुप्ता, मनोज गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता, विनय सर्राफ, ज्योतिचन्द्र वार्ष्णेय, लोकेंद्र शर्मा, प्रजीत लालू, मेजर शशिकांत गुप्ता, सतेन्द्र, मुकेश, प्रभात कृष्णा आदि उपस्थित रहे।

आज गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को स्कूलों में अवकाश

बहजोई में गणेश चतुर्थी के स्थानीय अवकाश के चलते 14 सितंबर को जनपद में कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर बीएसए अलका शर्मा ने आदेश जारी किया है। अवकाश सभी बोर्डों के विद्यालयों, मदरसों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा।

गणपति के रथ पर सजेगी आस्था की विरासत, जयकारों से गूंजेगी चंदौसी

सौरव प्रजापति, संभल। 'गणपति बप्पा मोरया... मंगल मूर्ति मोरया' के जयघोष, ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के बीच सोमवार को चंदौसी की धरती आस्था के विराट उत्सव की साक्षी बनेगी। गणेश चतुर्थी पर गणेश चौथ मेले की भव्य महारथ यात्रा निकलेगी। भगवान गणेश की भक्ति में सराबोर इस यात्रा में 17 आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। श्रद्धालु गणपति के दर्शन, पूजन और आशीर्वाद के लिए चंदौसी पहुंचेंगे।

गणपति की विशाल प्रतिमा वाले रथ के आगे भक्ति की धुन पर थिरकते श्रद्धालु और पीछे धार्मिक झांकियां मेले की भव्यता को चार चांद लगाएंगी। यात्रा जिस रास्ते से गुजरेगी, वहां श्रद्धालु भगवान गणेश की आरती उतारकर और पुष्पवर्षा कर स्वागत करेंगे। जगह-जगह गणपति बप्पा के जयकारे वातावरण में भक्तिरस घोलेंगे।

मान्यता है कि प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना से विघ्न दूर होते हैं और शुभ कार्यों का मार्ग प्रशस्त होता है। क्योंकि सनातन परंपरा में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि गणपति का श्रद्धापूर्वक दर्शन और पूजन करने से जीवन में आने वाले विघ्न-बाधाओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

भगवान गणेश की आराधना बुद्धि, विवेक, शुभता और सफलता का आशीर्वाद देने वाली मानी जाती है। किसी नए कार्य की शुरुआत से पहले गणेश पूजन करने की परंपरा भी इसी आस्था से जुड़ी है। मान्यता है कि गणपति की कृपा से कार्यों में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं, मन को सकारात्मकता मिलती है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनता है। यही आस्था गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं को मंदिरों और गणेश उत्सवों तक खींच लाती है। यही विश्वास गणेश चौथ मेले की इस परंपरा को हर वर्ष नई ऊर्जा देता है।

करीब 65 वर्ष पहले गणेश चौथ मेले की शुरुआत आज के भव्य स्वरूप से बिल्कुल अलग थी। मेले के संस्थापक स्व. डॉ. गिरीराज किशोर गुप्ता ने भगवान गणेश की प्रतिमा को ठेले पर विराजमान कर यात्रा निकाली थी। श्रद्धा और समर्पण से शुरू हुई यह छोटी-सी पहल धीरे-धीरे लोगों की आस्था आज विशाल महारथ यात्रा में बदल चुकी है।

इस आयोजन की मूल भावना वही है, गणपति की आराधना, सामूहिक आस्था और परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना। यही कारण है कि मेले में पुराने लोग अपनी यादों के साथ पहुंचते हैं तो नई पीढ़ी इसे उत्साह और कौतूहल के साथ अपनाती है।

पहाड़ों पर चढ़कर कैलाश मानसरोवर के दर्शन कर सकेंगे भक्त

गणेश आश्रम परिसर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा के दर्शनों का इंतजाम किया गया है। दिल्ली के इंजीनियरों और 15 कारीगरों की टीम ने करीब तीन महीने की अथक मेहनत से इसे तैयार किया है। श्रद्धालुओं को कैलाश पर्वत की झांकी तक जाने के लिए ऊंचे नीचे पहाड़ सरीखे रास्ते से होकर गुजरना होगा।

इसके बाद बर्फ से ढके कैलाश पर्वत पर विराजमान भगवान भोले के दर्शन होंगे। इस झांकी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें श्रद्धालुओं को असली कैलाश मानसरोवर यात्रा जैसा ठंडक का अहसास मिलेगा।

चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछाने के लिए विशेष तकनीक और मशीनों का प्लांट लगाया गया है, जिससे पहाड़ पर लगातार बर्फ जमती रहेगी। झांकी में 12 फीट चौड़े और 20 फीट ऊंचे पहाड़ बनाए गए हैं, जो पूरी तरह बर्फ से ढके रहेंगे।

पथरा मोड़ पर बनाया अस्थायी रोडवेज बस अड्डा

आज सोमवार को निकाली जाने वाली भव्य गणेश यात्रा के मद्देनजर बदायूं से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पथरा मोड़ पर अस्थायी रोडवेज बस अड्डा बनाया गया है, जो सोमवार सुबह से मंगलवार 15 सितंबर की रात तक संचालित रहेगा।

रोडवेज बस स्टैंड प्रभारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि इस अस्थायी बस अड्डे पर दो लोगों की ड्यूटी रहेगी। वह खुद भी व्यवस्था बनाने के लिए हर वक्त मौजूद रहेंगे। इसके अलावा अलीगढ़ से मुरादाबाद आने जाने वाली बसों के चालकों को भी रोडवेज बस अड्डे तक आने के लिए कहा गया है। सामान्यतः यह बसें बाहर से बाहर होकर ही निकल जाती हैं।

शोभयात्रा मार्ग पर पालिका ने भरवाए गड्ढे

गणेश शोभायात्रा वाले मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क बहुत खराब हो गई थी। कई जगहों पर तो सड़क पूरी तरह उधड़ गई थी। शोभायात्रा में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, उसके लिए पूरे रोड पर गड्ढों पर नगर पालिका ने पैचिंग करा दी है। पालिकाध्यक्ष लता वार्ष्णेय ने बताया कि गणेश मंदिर से सीता रोड, सुंदर मोहल्ला, बड़ा बाजार, घंटाघर, फड़याई बाजार, कैथल गेट आदि जगहों पर सड़कों की मरम्मत करा दी गई है।

ये रहेंगे दो दिनों के कार्यक्रम

14 सितंबर

  • गणेश मंदिर पर महापूजन- शाम पांच बजे
  • बहरूपिया प्रतियोगिता नगर भ्रमण- दोपहर दो बजे से
  • गणेश शोभायात्रा- दोपहर दो बजे से

15 सितंबर

  • रंगोली सजाओ प्रतियोगिता- भूपाल रंगमंच पर शाम चार बजे
  • फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता- भूपाल रंगमंच पर रात आठ बजे से

कल्कि नगरी में सज गए पंडाल, आज विराजेंगे गजानन गणपति बप्पा

संवाद सहयोगी, संभल। गणेश चतुर्थी पर आज गणपति बप्पा घर-घर विराजेंगे, जिसके लिए कल्कि नगरी में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। घरों, मंदिरों के साथ ही प्रमुख स्थानों पर पंडाल सजाए गए हैं।

10 दिनों तक गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से शहर गूंजायमान रहेगा। वहीं लोगों ने बाजार से गणपति बप्पा की मूर्तियां खरीदीं। मंदिरों से लेकर घरों तक लोग गणपति बप्पा के स्वागत करने में जुटे रहे। गणेश चतुर्थी पर घर-घर व अलग-अलग पंडालों में गणपति बप्पा विराजेंगे।

पंडालों को गणपति बप्पा के आगमन से पहले लाइटों व फूलों से सजाया गया है। सोमवार को सुबह से ही लोग उत्साह के साथ गणपति का आगमन करेंगे।

हल्लू सराय स्थित चामुंडा देवी मंदिर से भगवान श्री गणेश की शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो मंदिर से शुरू होकर पंचायत घर, बरेली सराय, जनता पेट्रोल पंप, सरथल चौकी से होकर चौधरी चरण सिंह पार्क, शहीद भगत सिंह की प्रतिमा से होकर हल्लू सराय होते हुए वापस चामुंडा मंदिर पर ही विराजमान होंगे।

वहीं नगर के मुहल्ला कोटपूर्वी, मुहल्ला ठेर, शहजादी सराय, लाडम सराय, सरायतरीन, हयातनगर आदि क्षेत्रों में भी गणपति बप्पा की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। बप्पा 10 दिन के लिए मंदिरों व घरों में विराजेंगे।

इस दौरान सुबह-शाम विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी। शहर में हर ओर गणपति बप्पा का शोर सुनाई देगा। अंतिम दिन मूर्तियों को प्रवाहित किया जाएगा।