संभल: किशोरी से दरिंदगी मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी रिजवान को मिली उम्रकैद
संभल के असमोली थाना क्षेत्र में 2019 में एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में ...और पढ़ें

दुष्कर्म का दोषी रिजवान
HighLights
असमोली थाना क्षेत्र में हुई थी दुष्कर्म की घटना, गुरुवार को एक दोषी को हुई बीस साल जेल
संवाद सहयोगी, चंदौसी (संभल)। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के प्रयास में दोषी को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 85 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इसी मामले में गुरुवार को न्यायालय ने आरोपित नसीम को बीस साल के कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि एक आरोपित साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त हो चुका है।
असमोली थाना क्षेत्र के व्यक्ति ने अपने गांव के मुहम्मद नसीम, रिजवान और शाकिब के खिलाफ घर में घुसकर नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद हत्या का प्रयास करने और पत्नी से छेड़खानी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि घटना से छह माह पहले नसीम से बकरी के बच्चे को लेकर कहासुनी हुई थी।
तभी से नसीम का परिवार रंजिश मानने लगा था। व्यक्ति ने बताया कि 19 अगस्त साल 2019 को शाम चार बजे करीब पत्नी और बच्चे घर पर ही थे, तभी आरोपित नसीम, रिजवान और शाकिब घर में घुस आए और गंदी गंदी गालियां देने लगे। विरोध करने पर पत्नी और बच्चों से मारपीट की गई।
रिजवान ने पत्नी से छेड़खानी की, जबकि नसीम व शाकिब 14 वर्षीय बेटी को जबरन कमरे में उठाकर ले गए और दुष्कर्म किया। इसके बाद किशोरी के गले में फंदा डालकर हत्या का प्रयास किया। बेहोश होने पर आरोपित किशोरी को मृत समझ मौके पर छोड़कर भाग गए।
आठ नवंबर को घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई। विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में चल रही थी। जिसमें न्यायालय ने आरोपित शाकिब को पूर्व में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
वहीं आरोपित नसीम को दोषी मानते हुए गुरुवार को 20 साल के कारावास और 35 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। जबकि दोषी रिजवान के गैर हाजिर होने पर वारंट जारी किया गया था। जिसे पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में पेश किया।
अब न्यायालय ने रिजवान को दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मानिटरिंग सेल के प्रभारी राजाराम ने बताया कि आरोपित को सजा कराने में कोर्ट पैरोकार हेड कांस्टेबल राहुल कुमार और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल राज कुमार ने पैरवी की है।
