कल्कि धाम निर्माण के लिए 11 लाख का अंश देंगे कथावाचक रामभद्राचार्य, रामजन्मभूमि आंदोलन को किया याद
संभल में कल्कि धाम निर्माण के लिए जगदगुरु रामभद्राचार्य ने अपने निजी कोष से 11 लाख रुपये दान करने की ...और पढ़ें

रामभद्राचार्य ने किया 11 लाख का दान का एलान।
जागरण संवाददाता, संभल। श्री कल्कि महोत्सव के छठें दिन कथा व्यास जगदगुरु आचार्य रामभद्राचार्य ने कथा वाचन के दौरान कहा कि वह श्री कल्कि धाम के निर्माण लिए मैं निजी कोष से 11 लाख रुपये का अंश भेंट करूंगा। उनकी इस घोषणा के बाद भगवान कल्कि के जयकारों की आवाज से पंडाल गूंज उठा।
कथा वाचन के दौरान की निजी कोष से देने की घोषणा
शनिवार को ऐचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम में महोत्सव के छठे दिन सुबह के समय मनोरथ सिद्धि महायज्ञ में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की अगुवाई में श्रद्धालुओं व साधु संतों ने यज्ञ में आहुतियां दी। जगदगुरु आचार्य रामभद्राचार्य ने श्रीकल्कि धाम निर्माण के लिए निजी कोष से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही कहा कि अगर आप भी चाहते हैं कि कल्कि धाम मंदिर जल्दी बने तो सभी को भी सहयोग करना होगा।
रामभद्राचार्य बोले, अब भी पढ़ता हूं किताबें
रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने अब तक 375 किताबें लिखी हैं। मैं अब भी पढ़ता लिखता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आप सब प्रसन्न रहें और भगवान की आराधना करते रहें। जितना महत्व त्रेता और द्वापर युग में अन्य धाम का रहा है उतना ही महत्व कलयुग में संभल कल्कि धाम का होगा। रामजन्मभूमि आंदोलन के बारे में बताया कि वहां लाठीचार्ज के दौरान उनके हाथ की हड्डी भी टूट गई थी। लाठीचार्ज कराने वालों को सोचना चाहिए था कि जगदगुरु पर लाठी चार्ज नहीं कराना चाहिए था। मगर उसके बाद मुझे शांत कराने के लिए विदेशों से लोग आए थे। मेरे पूर्वजों ने राम का नमक खाया है मैं भी राम का नमक खा रहा हूं। कथा में कल्कि विवाह का वर्णन सुनाया। अंत में आरती के बाद कथा का समापन किया गया।
कथा में पहुंचे महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि, शिक्षामंत्री व कैबिनेट मंत्री
संभल। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि भी कल्कि धाम पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि हमारे सनातन धर्म का कलयुग में जो आदि तीर्थ है वो संभल में होगा। धीरे धीरे संभल में वह अंकुरण पैदा होता जा रहा है। और मेरे को तो लगता है कि जिस प्रकार से भक्त भगवान को पुकार रहे है। ऐसा लग रहा है कि समय से पहले ही भगवान आने को तैयार बैठे हैं। जगदगुरु जब कथा वर्णन करते हैं तो कथा के सागर में इतना डूब जाते हैं कि उनका भावुक होना स्वाभाविक है। वह अलौकिक नेत्रों से भगवान की उस लीला को देखकर उसका वर्णन करते हैं।
कपिल देव अग्रवाल भी हुए शामिल
उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हम कल्कि धाम में आए हैं और यहां पर भगवान कल्कि यहां अवतरित होंगे ऐसी कल्पना का संकल्प हम सभी का है। उन्होंने कहा कि पुराणों में लिखा होने के साथ ही संतों की वाणी में भी यह वाक्य आया है। जहां इस पवित्र धरती पर भगवान राम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव और भगवान विष्णु का अवतरण हुआ है। यह भारत की पवित्र भूमि है। जिसमें भगवान कल्कि का भी अवतरण होना है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि जिस चीज का शुभारंभ हमारे प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था और आज वहां पर कल्कि महोत्सव का आयोजन हो रहा है। इतना ही नहीं अच्छे नेतृत्व वाले संत यहां पर कथा का वर्णन कर रहे हैं। इसी का श्रवण करने के लिए कई महान संत यहां पर विराजमान हैं और मैं भी इसी का श्रवण करने के लिए यहां पर आयी हूं।
