जागरण संवाददाता, चन्दौसी। मुरादाबाद के चार मंडलों से गुजरने वाली मध्य गंगा नहर जनपद के काफी गांव को सिचाई के लिए पानी मिलेगा। प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते यह परियोजना अभी तक अपने अंजाम तक नहीं पहुंची है। प्रथम चरण में इस परियोजना में दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि अभी तक भूमि अधिग्रहण का काम ही नहीं पूरा हो सका है। जनपद संभल में कई गांव में अभिलेख संबंधी त्रुटि होने के कारण भूमि अधिग्रहण नहीं हो पा रही है।

यह योजना वर्ष 2007-2008 में मंजूर हुई थी। पहले बजट की कमी और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी चल रही है। करीब 12 वर्ष बाद भी यह पूरी नहीं हो सकी है। अब लागत बढ़ी और परियोजना का बजट पुनरीक्षित किया गया। सरकार ने इसके लिए धनराशि भरपूर दी है और इसके निर्माण का लक्ष्य भी तय कर दिया था। यह परियोजना दो वर्ष पूर्व पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी प्रथम चरण का कार्य ही पूरा नहीं हो सका है। प्रथम चरण में परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण होनी थी। जो अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। भूमि अधिग्रहण के बाद ही आगे का कार्य शुरु होगा। इससे बुलंदशहर व बदायूं के अलावा मंडल के मुरादाबाद, अमरोहा, संभल व बिजनौर के किसानों को लाभ मिलेगा। इससे जनपद में जो ब्लाक डार्क जोन में है उनमें जल का स्तर बढ़ेगा और वह डार्क जोन से मुक्त हो सकेंगे। बात संभल जनपद की करें तो छह गांव में 13 गांटा संख्या के प्रपत्रों में कमी है जिसके कारण भूमि अधिग्रहण का कार्य अधर में लटका हुआ है। चन्दौसी तहसील के गांव मऊ अस्सू, नरौली, वेहटा साहू, देवापुर, काजी वेहटा व कासमपुर जगरुप के गाटा संख्याओं में खामियां है। किसी में विरासत दर्ज होनी है तो किसी में विरासत गलत दर्ज है। किसी गाटा संख्या की खसरा खतौनी में किसान का नाम संशोधित होना है। इसके लिए सहायक अभियंता चतुर्थ ने तहसीलदार से उक्त समस्या का समाधान करने को कहा है जिससे कि परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा सके।

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