सम्भल: शनिवार को नगर में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई। जिसमें निजी अस्पताल स्टाफ की संवेदना मर गई कि वह शव को घर तक पहुंचाने के लिए कोई वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करा सके। युवक की मौत से स्वजनों में कोहराम मच गया। रोते बिलखते स्वजन मजबूरी में ई रिक्शा से ही शव को घर ले जाने के लिए मजबूर हो गए।

हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव सैंडा निवासी अजय कुमार शनिवार को साइकिल से सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी पर गया था। जहां से दोपहर को सिलेंडर लेकर वह गांव पहुंचा। अचानक वह साइकिल समेत सड़क पर गिर गया जिससे सिलेंडर उसके ऊपर गिर गया। इससे वह चोटिल हो गया। जानकारी मिलने पर गांव के अन्य लोगों के साथ स्वजन भी मौके पर पहुंचे और उसे उठाकर सौंधन स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने युवक की गंभीर हालत को देखकर सम्भल रेफर कर दिया। स्वजन उसे चन्दौसी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक द्वारा युवक को मृत घोषित किए जाने के बाद स्वजनों में चीख पुकार मच गई और सभी का रो रोकर बुरा हो गया। चिकित्सा कर्मियों ने शव को घर ले जाने को कहा। स्वजन शव को ई रिक्शा में रखकर गांव ले गए जिसने भी देखा उसका ह्दय द्रवित हो गया। इस प्रकार की किसी घटना की जानकारी नहीं है। यदि किसी के द्वारा शव वाहन की मांग की जाती तो उसे विभाग के नियमानुसार वाहन अवश्य उपलब्ध कराया जाता।

-प्रभाकर बंधु, सीएमएस जिला अस्पताल सम्भल

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