जेएनएन, चन्दौसी : सूखे कूड़े के निस्तारण के लिए नगरपालिका द्वारा बनाया गए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर को बने हुए लगभग दो माह पूरे होने को हैं। लेकिन, अभी तक यह सेंटर शुरू नहीं हो सका है। जिससे सूखे कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कूड़े का निस्तारण न होने का प्रभाव नगरपालिका की रैंकिग पर भी पड़ा है और नगरपालिका के स्वच्छता के लिए किये जा रहे बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है।

नगर के कूड़े की समस्या को देखते हुए नगरपालिका ने लक्ष्मनगंज में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर का निर्माण कराया था। जिसमें कूड़े का निस्तारण भी होगा और नगर पालिका की आमदनी भी बढ़ जाएगी। मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर 33 लाख रुपये में बनकर तैयार हुआ था। दो अक्टूबर को इसका उद्घाटन नगरपालिका अध्यक्ष इंदु रानी व ईओ राजकुमार ने किया था। नगर से निकलने वाले सूखे कूड़े को सेंटर पर पहुंचाना था और वहां कूड़े में से लोहा, प्लास्टिक, तांबे के तार आदि को अलग होते और इससे होने वाली आय नगर पालिका के वार्ड में खर्च होने थे। इससे कूड़े से निजात मिलती और शहर स्वच्छ रहता।

सेंटर को बने हुए लगभग दो माह पूरे होने को हैं। लेकिन अभी तक यह सेंटर शुरू नहीं हो सका है और खाली पड़ा हुआ है। कूड़े के निस्तारण न होने की वजह से नगरपालिका पर सवाल खड़ा हो गया है। निस्तारण न होने के कारण शहर में जगह जगह कूड़े के लगे ढेरों व गंदगी के कारण न केवल नगरपालिका की रैंकिग में भी गिरावट आई है और लगातार शहर में विकास के साथ कूड़ा मुक्त शहर बनाने का दावा करने वाली नगरपालिका के दावे फेल हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण में इन्हीं कारणों से आइना देखने को मिला है। नगर पालिका स्वच्छ सर्वेक्षण में 2020 के मुकाबले 132 अंक नीचे खिसककर 290 वें पायदान पर आ गया। जबकि वर्ष 2020 के सर्वे में नगरपालिका को देश भर में 158वां स्थान प्राप्त हुआ था।

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