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    संभल में मीट फैक्ट्री कर्मचारियों के यहां पहुंची आयकर विभाग की टीम, साढ़े आठ घंटे तक की जांच पड़ताल

    Updated: Tue, 02 Dec 2025 10:14 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के संभल में आयकर विभाग ने एक मीट फैक्ट्री के कर्मचारियों के घरों पर छापा मारा। यह कार्रवाई लगभग साढ़े आठ घंटे तक चली, जिसमें दस्तावेजों औ ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, संभल। आयकर विभाग की टीम मंगलवार की सुबह को मीट प्लांट कर्मचारी के आवास पर पहुंची। जहां उन्होंने कर्मचारी व उसके स्वजन से पूछताछ की। साथ ही वहां पर लैपटाप, कंप्यूटर के साथ ही अन्य दस्तावेजों की भी दोबारा से जांच की। आयकर विभाग की टीम को देखकर आसपास के लोगों में भी खलबली मच गई थी। ऐसे में करीब साढ़े आठ घंटे तक अधिकारी वहां पर डटे रहे थे। इस दौरान पुलिस कर्मी वहां पर मौजूद रहे।

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    मंगलवार की सुबह को आयकर विभाग की टीम रायसत्ती थाना क्षेत्र के मुहल्ला चमन सराय में मीट प्लांट एकाउंटेंट गुफरान के आवास पर पहुंची। जहां अचानक से आयकर अधिकारियों को देखकर आसपास के लोगों में खलबली मच गई। क्योंकि वहां उप निदेशक आयकर विभाग लिखी गाड़ी भी खड़ी हुई थी। वहां पहुंचने के बाद अधिकारी जांच पड़ताल में जुट गए। वह वहां पर मिले लैपटाप, कंप्यूटर के साथ उनके पास रखी फाइल व अन्य दस्तावेज की जांच करने लगे।

    कार्रवाई के दौरान आयकर अधिकारियों के साथ महिला व पुरुष पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। जो कि जांच पड़ताल के दौरान मीट फैक्टी कर्मचारी के घर के बाहर खड़े हुए दिख रहे थे। ऐसे में कोई भी वहां पर रुक कर जानकारी करने का प्रयास कर रहा था तो वह उसे वहां पर नहीं रुकने दे रहे थे। सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम करीब साढ़े सात बजे तक चली। जहां टीम के जाने के बाद लोग आपस में चर्चा करने के साथ ही जानकारी करने का प्रयास कर रहे थे। जब इस बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

    मालूम हो कि 13 अक्टूबर को इंडियन फ्रोजन फूड (मीट फैक्ट्री) के साथ ही उसके स्वामी, रिश्तेदार व कर्मचारियों के यहां पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के लिए उस समय करीब 70 गाड़ियों में सवार लगभग 150 अधिकारियों व कर्मचारियों का काफिला संभल पहुंचा था। इतना ही नहीं इनके द्वारा करीब 84 घंटे तक निरंतर यह कार्रवाई चली थी। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मिले कुछ दस्तावेज को कब्जे में कर लिया था। जबकि वहां मिले शेष दस्तावेज को सील कर सुरक्षित रखा दिया था।