सौंधन: पवांसा विकास खंड क्षेत्र के गांव देवरी के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। यहां की मुख्य सड़क पूर्णतया तालाब में तब्दील हो गई है लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।

गांव देवरी में पिछले कई माह से गंदगी की समस्या बनी है जिससे ग्रामीणों को बीमार होने का भी खतरा सता रहा है। मजबूरन लोग दूषित पानी के बीच होकर निकल तो रहे है लेकिन विकास विभाग को कोस रहे है। यहां के लोग इस कीचड़ से निकलने के लिए अपनी चप्पल, जूतों को हाथ में ले लेते हैं और कपड़ों को ऊपर करके निकलते है। इस मामले में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान व उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हो सका। राजनीतिक दलों के नेताओं से इसके बारे में भी बातचीत की गई है लेकिन उन्होंने भी इसका कोई हल नहीं निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता सड़क की मरम्मत व गंदगी हटवाने का आश्वास देते है लेकिन बाद में भूल जाते है। गांव की इस खस्ता हालात को वर्षों पर बीत गए। अब भी सड़कों पर पानी पसर रहा है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। बच्चों को मजबूरन नाले नालियों के दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। रविवार को ग्रामीणों ने इसके विरोध में विकास विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन में नेम ¨सह, सत्यपाल, लखपत, वीरेश यादव, जीतपाल, संजीत कुमार, कुमरपाल, सोरा देवी सेठी ¨सह, अतर ¨सह, सूरजपाल ¨सह आदि रहे।

Posted By: Jagran

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