संभल, जागरण संवाददाता। Former President of Urdu Academy resigned from SP:  सपा नेता व उर्दू अकादमी के पूर्व अध्‍यक्ष हाजी आजम कुरैशी ने समाजवादी पार्टी पर मुसलमानों के प्रति भेदभाव का आरोप लगाते हुए पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्‍होंने भाजपा की प्रदेश व केंद्र सरकार के कार्यों की जमकर सराहना की। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी में जा सकते हैं।

आजम कुरैशी ने कहा कि समाजवादी पार्टी मुसलमानों का वोट लेकर मुसलमानों को बरगलाने का काम कर रही है। वहीं हिंदू-मुसलमान के विकास के लिए बीजेपी आगे आ रही है। जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने दफ्तर में बैठकर ट्वीट-ट्वीट खेलते हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पसमांदा मुसलमानों के विकास के लिए काम कर रहे हैं।

मुसलमानों के हित में काम कर रही भाजपा

उन्‍होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि समाजवादी पार्टी व कांग्रेस का साथ छोड़कर जो पार्टी मुस्लिम के हित में कार्य कर रही है उस पार्टी का हाथ थामें। वहीं, प्रदेश व केंद्र सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए उन्‍होंंने भाजपा में जाने के संकेत दिए। अब देखना होगा कि समाजवादी छोड़ने वाले हाजी आजम कुरेशी बीजेपी में शामिल होते हैं या किसी और पार्टी में अपने हाथ आजमाते हैं।

मदरसे के सर्वे को सरकार के फैसले की सराहना

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हाजी आजम ने अपना इस्तीफा देते हुए भाजपा सरकार के फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मदरसों का सर्वे कराकर पिछड़े मुसलमानों को आगे लाने का कार्य किया है। साथ ही मदरसों में पढ़ाई के स्तर को प्राथमिकता के आधार पर उच्च स्‍तर पर ले आने के लिए उनके समय में बढ़ोतरी की। पुस्तके फ्री वितरित करने का भी फैसला लिया है। कांग्रेस व सपा के शासनकाल में मुसलमानों को पिछड़ेपन को दूर करने के लिए कोई योजनाएं नहीं चलाई। जबकि भाजपा सरकार सर्व समाज के हित के लिए योजना चला रही हैं। इसका लाभ मुसलमानों को भी बराबर मिल रहा है।

बसपा के शासनकाल में बने थे उर्दू अकादमी के अध्यक्ष

बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में हाजी आजम कुरैशी को उर्दू अकादमी का अध्यक्ष बनाया गया था। बहुजन समाज पार्टी के बाद सपा सरकार के शासनकाल में भी वह उर्दू अकादमी के अध्यक्ष पद पर बने रहे। 2012 में लोक दल के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा। फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी का दामन थामा। टिकट मिला। किसी कारणवश टिकट कट जाने के बाद फिर से अखिलेश यादव की संभल में आयोजित सभा में सपा का दामन थामा। तब से वह समाजवादी पार्टी में थे।

Edited By: Vivek Bajpai

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