सम्भल : गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव परतापुर में बुखार व उल्टी दस्त से गर्भवती व उसके बेटा बेटी की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमे की नींद नहीं टूटी है। महिला के दो बच्चों का निजी डाक्टर के यहां उपचार चल रहा है। उनकी भी हालत नाजुक बनी हुई है।

स्वास्थ्य महकमे के अलावा किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने भी वहां जाने की जरूरत नहीं समझी है। एक ही परिवार में तीन मौत हो जाने से गांव में दहशत का माहौल है।

गवां :रजपुरा क्षेत्र के गांव परतापुर में गरीबी का दंश झेल रहे किसान रामसेवक पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जैसे तैसे खेती और मजदूरी करके रामसेवक अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहा था। अचानक किस्मत ने उसका सब कुछ लूट लिया। लोगों से उधार रकम लेकर वह बच्चों का उपचार करा रहा है।

यूं तो मौसम के प्रभाव से रजपुरा क्षेत्र में लोग घर-घर बीमार हैं। कहीं वायरल बुखार, मलेरिया और डेंगू है तो कहीं अचानक उल्टी दस्त की बीमारी फैल रही है। रामसेवक के घर में हुई तीन मौतों ने स्वास्थ्य विभाग को आइना दिखाया है। क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी सरकारी व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग झोलाछाप के पास जाने को मजबूर हैं। गांव परतापुर की बात करें तो इस गांव में गंदगी और जल भराव की सबसे बड़ी समस्या है। इसके बाद भी ग्राम प्रधान ने साफ सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से बीमारी फैल रही है और लोग अपनी जान गवां रहे है। इनसेट

फूड प्वाइजनिंग की भी है आशंका

गवां: गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव परतापुर में हुई रामसेवक की पत्नी भूरी देवी व उसके बेटे ¨टकू व बेटी रीना की मौत के पीछे फूड प्वाइजनिंग होने की भी आशंका जताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि राशन डीलर से लिए गए चावल रामसेवक के घर बने थे। उन चावलों को खाने के बाद से रामसेवक की पत्नी और बच्चों की हालत खराब हो गयी। आरोप है कि डीलर खराब किस्म के चावल ग्राहकों को देता है। वहीं राशन डीलर का कहना है कि अगर कोई चावल खाकर बीमार होता तो और भी परिवार के लोग बीमार होते। इनसेट

वर्जन-

मुझे जानकारी हुई है। सीएमओ को गांव में शिविर लगाने के निर्देश दिए गए है। आस- पास के गांवों में भी शिविर लगवाकर लोगों का उपचार कराया जाएगा। एक ही परिवार में तीन मौत हुई है। यह दुखद है।

ओमवीर ¨सह, एसडीएम गुन्नौर

Edited By: Jagran