जेएनएन, सम्भल: नखासा थाना क्षेत्र में उच्च जाति की युवती को गांव के ही राजस्व विभाग में तैनात एक युवक भगा ले गया। युवक ने मंदिर में शादी करने का दावा करते हुए कोर्ट से सुरक्षा मांग ली। इसके बाद गांव में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। शुक्रवार को युवती के बिरादरी के लोगों ने पंचायत बैठा दी। इसमें कई गांव के लोग शामिल हुए। अनुसूचित जाति के लोगों का हुक्का-पानी बंद करने का फैसला सुनाया गया। खेतों में जाने और गांव में स्थित डेयरी पर दूध लेने से भी इन्कार कर दिया गया। न ही किसी को दूध दिया गया। किराना की दुकानें भी बंद करा दी गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम, सीओ, थाना पुलिस के अलावा पीएसी गांव में पहुंच गई। पुलिस किसी तरह गांव में शांति बनाए रखने का प्रयास कर रही है, लेकिन दोनों बिरादरियों में तनाव है।

थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति के युवक का गांव की एक उच्च जाति की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवक राजस्व विभाग में लेखपाल के पद पर तैनात है। पांच दिन पहले लेखपाल युवती को लेकर फरार हो गया। लेखपाल का दावा है कि उसने मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा देने की मांग की। कोर्ट ने दोनों को सुरक्षा देने के आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के बाद लेखपाल के घर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस बात की जानकारी जब उच्च जाति के लोगों को लगी तो उनमें रोष फैल गया। गांव में पंचायत बैठ गई। शुक्रवार की शाम पंचायत हुई तो युवती को वापस करने का दबाव बनाया गया। साथ ही पंचायत में फरमान सुना दिया कि अनुसूचित जाति समाज के लोगों का गांव में स्थित किसी भी डेयरी पर दूध नहीं लिया जाएगा, न ही किसी को डेयरी से दूध दिया जाएगा। इतना ही नहीं पंचायत में खेत में घुसने पर पाबंदी लगा दी। गांव में अनुसूचित जाति समाज की जितनी भी किराना की दुकानें हैं, सभी को बंद करा दिया गया। पंचायत की जानकारी जब पुलिस को प्रशासन को लगी तो आनन-फानन में एसडीएम रमेश बाबू, सीओ जितेंद्र कुमार, कोतवाल ओमकार सिंह पुलिस व पीएसी के साथ गांव में पहुंच गए। लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत किया। इसके बाद पुलिस के अलावा पीएसी भी गांव में तैनात कर दी गई है। पंचायत में आसपास के पांच गांवों के लोग शामिल हुए। इनसेट-

गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात

गांव में बैठी पंचायत की सूचना जैसे ही पुलिस प्रशासन को लगी तो खलबली मच गई। आनन-फानन में एसडीएम और सीओ भरी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी को भी तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन गांव पर नजर बनाए हुए है।

बिगड़ सकते हैं हालात, नहीं लिया गया दूध

जिस तरह पंचायत में निर्णय लिया गया है, अगर उस तरह एक बिरादरी का हुक्का पानी बंद कर दिया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। शुक्रवार की शाम की किसी भी डेयरी पर अनुसूचित जाति समाज के लोगों का दूध भी नहीं लिया गया। साथ ही किराना की दुकानों को बंद करा दिया गया। ऐसे में अगर यह सबकुछ लगातार जारी रहा तो हालात बिगड़ सकते हैं। -

दोनों बिरादरियों के लोग पांच-पांच लाख के मुचलके से पाबंद

गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने दोनों बिरादरियों के लोगों को पांच-पांच लाख के मुचलके से पाबंद करते हुए कार्रवाई की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर किसी ने शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सख्त होते हुए शांति बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। कुछ लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

जितेंद्र कुमार, सीओ सम्भल

इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है, न ही कोई शिकायती पत्र मेरे पास आया है। अगर मामले की शिकायत मिली है तो जांच कराई जाएगी।

मनोज कुमार सिंह, तहसीलदार सम्भल

Edited By: Jagran