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    Vandan Yojana: संभल के धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 796 लाख रुपये का बजट, इन मंदिरों की बदलेगी सूरत

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 11:42 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने वंदन योजना के तहत संभल जिले के पांच नगर निकायों के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए 796.14 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इस योजना के अंतर्गत संभल, चंदौसी, सिरसी, नरौली और गवां में स्थित मंदिरों, तीर्थों और आश्रमों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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    वंदन योजना के तहत होगा काम।

    जागरण संवाददाता, चंदौसी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निकायों के भीतर स्थित सांस्कृतिक, धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए वंदन योजना के प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस स्वीकृति के अंतर्गत संभल जनपद के पांच नगर निकाय-संभल, चंदौसी, सिरसी, नरौली और गवां- को कुल 796.14 लाख रुपये के विकास कार्यों की मंजूरी मिली है।

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    वंदन योजना के तहत होगा काम

    चंदौसी के ईओ धर्मराज राम ने बताया कि योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की अवस्थापना और सौंदर्यीकरण करना है, बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और आकर्षक वातावरण तैयार करना भी है। नगर पालिका परिषद संभल के अंतर्गत स्थित प्राचीन देवतीर्थों का कायाकल्प अब बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

    सबसे अधिक धनराशि संभल के लिए

    संभल के सांस्कृतिक और पौराणिक 68 तीर्थों और 19 कूपों में शामिल पापमोचन और पिशाच मोचन तीर्थ में अवस्थापना और सुविधाओं के विकास के लिए कुल 195.23 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्थलों पर किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में 79.04 लाख रुपये की लागत से परिक्रमा पथ का निर्माण, 13.53 लाख रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था का विस्तार, 8 लाख रुपये में बेंच और वाटर कियोस्क का निर्माण, 46.75 लाख रुपये की लागत से दो हाल/विश्रामालय तथा 47.91 लाख रुपये में दो शेड का निर्माण शामिल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन देवतीर्थों की परिक्रमा करते हैं। नगर पालिका परिषद चंदौसी क्षेत्र में शनि मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर, महात्मा गांधी की प्रतिमा और देवी मंदिर में अवस्थापना और सुविधाओं के सुधार के लिए कुल 143.68 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।

    इन कार्यों के लिए रुपया

    मुख्य कार्यों में नाली सहित सीसी रोड का निर्माण 65.99 लाख रुपये में, स्मृति स्थल का सौंदर्यीकरण 9.45 लाख रुपये में, वाटर कियोस्क की स्थापना 2.49 लाख रुपये में और अन्य संरचनात्मक विकास 71.50 लाख रुपये में शामिल हैं। नगर पंचायत सिरसी के प्रसिद्ध चामुंडा मंदिर में अवस्थापना और सुविधाओं के विकास के लिए कुल 165.44 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

    मुख्य कार्यों में नाली सहित सीसी रोड का निर्माण 37.24 लाख रुपये में, मंदिर परिसर में टाइल्स का काम 37.12 लाख रुपये में, शेड का निर्माण 12.10 लाख रुपये में, प्रकाश व्यवस्था 10.24 लाख रुपये में, हाल निर्माण 61.74 लाख रुपये में और वाटर कियोस्क एवं बेंच 7 लाख रुपये में शामिल हैं। यह मंदिर सिरसी का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

    नरौली के दो प्रमुख धार्मिक स्थल

    नगर पंचायत नरौली के दो प्रमुख धार्मिक स्थल-जाहरवीर मंदिर और मंशादेवी मंदिर-में सुविधाओं के विकास के लिए कुल 124.56 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। मुख्य कार्यों में दोनों मंदिरों में अलग-अलग हाल का निर्माण 37.96 लाख रुपये में, प्रकाश व्यवस्था 5.52 लाख रुपये में, टाइलिंग और इंटरलाकिंग मार्ग 62 लाख रुपये में, अलग-अलग इंटरलाकिंग व टाइलिंग कार्य 53.30 लाख रुपये में और वाटर कियोस्क एवं बेंच 4.30 लाख रुपये में शामिल हैं।

    गवां के मंदिरों के लिए धनराशि

    नगर पंचायत गवां में स्थित बंगाली बाबा आश्रम और मणि आश्रम में अवस्थापना और सुविधाओं के विकास के लिए कुल 167.23 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्य कार्यों में दो हाल का निर्माण 66.58 लाख रुपये में, परिक्रमा मार्ग और टाइलिंग 75.65 लाख रुपये में, प्रकाश व्यवस्था 18 लाख रुपये में और बेंच व वाटर कियोस्क 7 लाख रुपये में शामिल हैं। इस क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं काफी अधिक हैं, और नए परिक्रमा मार्ग एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से आश्रम परिसर अधिक आकर्षक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनेगा।