सम्भल: हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव लहरा कमंगर स्थित ईंट भट्ठे पर बंधक बनाकर रखे गए मजदूरों को पुलिस ने मुक्त कराया तो मजूदरों ने आपबीती सुनाते हुए तीन माह से नजरबंद रखने के साथ ही मानदेय नहीं देने का आरोप लगाया।

थाना इलाके के गांव लहरा कंमगर स्थित श्री सांई ईंट भट्ठे पर पुलिस ने बंधुआ मजदूरी की शिकायत पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शामली व मुजफ्फरनगर जिले के रहने बाले आठ परिवारों के 40 लोगों को मुक्त कराया गया है। मजदूरों ने बताया कि वे जो काम करते है उसके बदले उन्हें सिर्फ पेट भरने का खर्च दिया जाता है जबकि उनकी मजदूरी काफी बनती है। ऐसे में न तो उनको पूरी मजदूरी दी जाती है और न ही गांव को जाने दिया जाता है। पुलिस ने मजदूरों की रकम के लेनदेन के बारे में भी ईंट भट्ठा संचालक से जानकारी जुटाई। पुलिस टीम ने सभी मजदूरों को एक स्थान पर बिठाकर बयान दर्ज किए गए। मजदूरों ने बताया कि उनको ईंट भट्ठा संचालक द्वारा जबरन रोककर मजदूरी कराई जा रही है और लंबे समय से उनको अपने गांव भी नहीं जाने दिया जा रहा है। सभी मजदूरों को गैर कानूनी तरीके से लाया गया है और उनसे गैर बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है।

दूसरी तरफ, संचालक ने आरोपों को गलत बताया। थाना प्रभारी बृजमोहन गिरी ने बताया कि मजदूरों को मुक्त कराकर घर भेज दिया गया है।

Posted By: Jagran

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