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राजमिस्त्री संग मजदूरी की, गन्ने छीले... मेहनत रंग लाई और भारतीय मानक ब्यूरो में विज्ञानी बन गए यशपाल कोरी

By Praveen Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 07 Sep 2026 06:30 AM (IST)

सहारनपुर के यशपाल सिंह कोरी ने विपरीत परिस्थितियों में राजमिस्त्री और गन्ना छिलाई का काम करते हुए भारतीय मानक ब्यूरो ...और पढ़ें

गांव चाऊपुरा निवासी यशपाल सिंह कोरी के विज्ञानी बनने पर बुके देकर स्वागत करते प्रदेश अध्यक्ष रुद्रपाल कोरी। सौ. स्वजन

गांव चाऊपुरा निवासी यशपाल सिंह कोरी के विज्ञानी बनने पर बुके देकर स्वागत करते प्रदेश अध्यक्ष रुद्रपाल कोरी। सौ. स्वजन

HighLights

  1. यशपाल कोरी ने मजदूरी से भारतीय मानक ब्यूरो में वैज्ञानिक पद पाया।

  2. परिवार में बेहद आर्थिक तंगी में भी पढ़ाई जारी रख प्रथम स्थान पाया।

  3. यश्कपाल की सफलता सहारनपुर के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बनी।

संवाद सूत्र, महंगी (सहारनपुर)। परिस्थितियां कितनी भी विपरीत हों, यदि हौंसला मजबूत हो और लक्ष्य पाने का जुनून हो तो सफलता की राह में कोई बाधा नहीं टिकती। इसका उदाहरण क्षेत्र के ग्रामीण युवा ने पेश किया है। कभी परिवार की आर्थिक मदद के लिए राजमिस्त्री के साथ मजदूरी करने और गन्ना छिलाई करने वाले यशपाल सिंह अब भारतीय मानक ब्यूरो में विज्ञानी बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश कोरी महासभा के अध्यक्ष रुद्रपाल कोरी ने बधाई दी है।

गांव चाऊपुरा के यशपाल सिंह कोरी का परिवार आर्थिक रूप से बेहद साधारण रहा है। उनके पिता परमाल सिंह कोरी मजदूरी करते थे। उनका इसी वर्ष स्वर्गवास हो गया हैं। माता शिमला देवी चूल्हा चौका तक सीमित रही हैं। परिवार की परिस्थितियों के चलते यशपाल को पढ़ाई के साथ मेहनत-मजदूरी करनी पड़ी। यशपाल कोरी ने बताया कि हाईस्कूल बिलासपुर के जनता इंटर कालेज से की है। फिर पालिटेक्निक हरियाणा व बीटेक स्टेलियन कॉलेज छुटमलपुर से की। जिसकी फीस पढ़ाई के साथ- साथ मजदूरी करके देते थे।

2015 में डिप्लोमा इंजीनियरिंग के आधार पर भारतीय मानक ब्यूरो में तकनीकी सहायक के पद पर चयन हो गया था। जिसके बाद सरकारी नौकरी करते हुए भी उन्होंने मेहनत जारी रखी और अब 2026 में 82.75 अंक हासिल कर परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल कर विज्ञानी बन गए हैं। उन्होंने बताया कि राजमिस्त्री के साथ काम किया और गन्ने की छिलाई कर अपनी जरूरतें पूरी की। माता शिमला, पत्नी मीनू कोरी व बड़े भाई श्रीपाल कोरी व बहनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

यशपाल की उपलब्धि पर ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत से न केवल परिवार का सिर ऊंचा किया है, बल्कि गांव का नाम भी रोशन किया है। उनकी सफलता क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ने का विचार करते हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कोरी महासभा के अध्यक्ष रुद्रपाल कोरी ने घर जाकर यशपाल कोरी का मुंह मीठा कराया। इस अवसर पर रोहित कोरी, प्रधान सुरेन्द कोरी, प्रधान गुरमीतसिंह कोरी, श्रीपाल कोरी, सूरजभान कोरी, नाहरसिंह कोरी, कालीराम कोरी, पालेराम कोरी, योगेश कोरी, सोमपाल कोरी, सतपाल ,रामपाल कोरी आदि ने खुशी जताई।