बरसात के बाद उमस से बढ़े बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज; कैसे करें बचाव?
बरसात के बाद उमस और गर्मी बढ़ने से बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ ...और पढ़ें

HighLights
वायरल संक्रमण के मामलों में हुई वृद्धि।
चिकित्सकों ने बचाव के लिए दिए सुझाव।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। बरसात के बाद तेज उमस और गर्मी ने लोगों की सेहत बिगाड़नी शुरू कर दी है। मौसम में लगतार हो रहे बदलाव के कारण बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले पांच दिनों में करीब 160 मरीज बुखार के बढ़े है। वहीं रोजाना करीब 110 मरीज खांसी-जुकाम की समस्या लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े है।
जिला अस्पताल की डा. विदित्या चौधरी ने बताया कि बरसात के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है और इसके बाद धूप निकलने पर उमस बढ़ने लगती है। दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव का असर लोगों की प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, नाक बहना, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत वाले मरीज अधिक है।
इसके अलावा मौसम बदलाव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर भी दिखाई दे रहा है। बरसात में भीगने, गीले कपड़े पहने रहने और ठंडे पानी पीने से सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण के बढ़ने का खतरा है। जिला अस्पताल में मंगलवार को 1351 मरीज विभिन्न बीमारियों की समस्या लेकर उपचार कराने के लिए पहुंचे। वहीं चिकित्सक भी उपचार के साथ-साथ मरीजों को बचाव के उपाए भी बता रहे है।
ऐसे करें बचाव
डा. विदित्या चौधरी का कहना है कि इस मौसम में वायरल संक्रमण के मामले बढ़ना सामान्य है। बरसात के बाद नमी और उमस के कारण संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और खानपान में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बुखार, खांसी या जुकाम होने पर आराम करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें। यदि तेज बुखार लगातार हो रहा और सांस लेने में परेशानी हो या मरीज की हालत बिगड़ती दिखाई दे तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
