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वीबीजीरामजी योजना: 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान अनिवार्य, देरी पर मिलेगा प्रतिदिन प्रतिकर

Published: Tue, 15 Sep 2026 01:09 PM (IST)

वीबीजीरामजी योजना के तहत अब श्रमिकों को 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान अनिवार्य होगा। देरी होने पर बकाया ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. वीबीजीरामजी योजना में 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान अनिवार्य।

  2. मजदूरी में देरी होने पर प्रतिदिन 0.05% प्रतिकर का प्रावधान।

  3. ग्रामीण श्रमिकों के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की नई व्यवस्था।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। गांवों में रोजगार के माध्यम से परिवार की आजीविका चलाने वाले श्रमिकों के लिए वीबीजीरामजी योजना के तहत राहत की व्यवस्था की गई है। अब मजदूरी के भुगतान के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। श्रमिकों को काम करने के 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में मजदूरी नहीं मिलती है, तो देरी की अवधि के लिए श्रमिक को प्रतिकर दिया जाएगा।

विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजीरामजी) के तहत एक जुलाई से मनरेगा के कार्य कराए जा रहे हैं।

नई व्यवस्था में मनरेगा की अपेक्षा कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण मजदूरी भुगतान को लेकर है। सरकार ने श्रमिकों को उनकी मेहनत की रकम के लिए अधिक समय तक इंतजार न करने देने के लिए भुगतान की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित की है।

नियम के अनुसार, काम के बाद श्रमिक की मजदूरी का भुगतान 15 दिन के भीतर किया जाना आवश्यक है। यदि किसी कारणवश इस अवधि में भुगतान नहीं होता है तो संबंधित श्रमिक को बकाया मजदूरी पर प्रति दिन 0.05 प्रतिशत की दर से प्रतिकर दिया जाएगा।

प्रतिकर की गणना भुगतान में हुई देरी की अवधि के आधार पर की जाएगी। इस व्यवस्था से समय पर मजदूरी नहीं मिलने की समस्या पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली मजदूरी पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे में भुगतान में देरी का सीधा असर उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। नई व्यवस्था में देरी की स्थिति में प्रतिकर का प्रावधान होने से संबंधित स्तर पर समय से भुगतान करने का दबाव भी बढ़ेगा।

वीबीजीरामजी योजना के नोडल अधिकारी हिमांशु सैनी ने बताया कि सरकार का जोर केवल रोजगार उपलब्ध कराने पर नहीं है, बल्कि श्रमिकों को उनकी मजदूरी समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।