UPI से ट्रेन टिकट का भुगतान करने पर क्या यात्रियों की जेब होगी ढीली, इसे लेकर NPCI ने स्पष्ट की स्थिति
MDR charge: रेल यात्रियों को 2000 रुपये से अधिक के ट्रेन टिकट का यूपीआई से भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

प्रतीकात्मक फाेटो
HighLights
2000 रुपये से अधिक के टिकट पर यूपीआई भुगतान।
यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा।
एमडीआर चार्ज रेलवे या आईआरसीटीसी द्वारा वहन।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। रेल यात्रियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, कोई यात्री 2000 से अधिक की ट्रेन टिकट बुक करता हैं और उसका भुगतान यूपीआई की मदद से करता हैं तो उसपर अतिरिक्त चार्ज नहीं लगने वाला है। यात्री को केवल टिकट के पैसों का ही भुगतान करना होगा।
दरअसल नेशनल पेमेंटस कारपोरेशन आफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई ट्रांजक्शन पर लगने वाले एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर नया नियम लागू किया जाना प्रस्तावित है। नियम के तहत कुछ चुनिंदा यानी ग्राहक से दुकानदार या कारोबारी को किए जाने वाले यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर लागू होगा।
इसके दायरे में रेलवे टिकट भी होंगे, नए नियम के तहत अब 2000 से ज्यादा की टिकट बुकिंग पर पांच रुपये का चार्ज निर्धारित किया गया है, यदि यात्री 2000 से ज्यादा की ट्रेन टिकट का भुगतान यूपीआई के माध्यम से कर रहा हैं तो उस पर पांच रुपये का एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा।
साथ ही एनपीसीआई ने स्पष्ट किया है कि रेल टिकट बुक करने पर पांच रुपये यात्रियों से नहीं वसूले जाएंगे, यात्रियों को केवल अपनी टिकट के पैसे देने होंगे, यानी अगर 2500 की टिकट बुक कर रहे हैं तो आपको 2500 ही देने होंगे, पांच रुपये का भुगतान यात्रियों की जगह भारतीय रेलवे या आईआरसीटीसी द्वारा किया जाएगा। यात्री पर पांच रुपये के एमडीआर चार्ज का बोझ नहीं डाला जाएगा।
यह होता है एमडीआर
अधिकांश यात्रियों व लोगों को एमडीआर की जानकारी नहीं है, एमडीआर का मतलब है मर्चेंट डिस्काउंट रेट। कोई कारोबारी या दुकानदार यूपीआई या किसी अन्य डिजिटल तरीके से भुगतान लेता है, तो पेमेंट के लिए उसे कुछ चार्ज देना पड़ता है और इसी चार्ज एमडीआर कहा जाता हैं।
यूपीआई के माध्यम दो हजार से अधिक के रेल टिकट भुगतान करने पर अतिरिक्त चार्ज यात्री लेने या नहीं लेने संबंधी कोई दिशा निर्देश अभी तक प्राप्त नहीं हुए। आईआरसीटीसी अलग संस्था है, बाकी निर्देश मिलने के बाद ही उसे लागू कराना व कुछ बता पाना संभव होगा।
-यशनजीत सिंह, सीनियर डीसीएम अंबाला रेल डिविजन।
