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दो हजार रुपये से ऊपर UPI भुगतान पर MDR लगने से कारोबारियों की बढ़ी चिंता

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 16 Sep 2026 05:05 PM (IST)

Merchant Discount Rate: 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगने की चर्चा से कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है।

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. 2000 रुपये से अधिक यूपीआई भुगतान पर 0.4% एमडीआर लगेगा।

  2. छोटे कारोबारी बोले- लेनदेन लागत बढ़ेगी, मुनाफा प्रभावित होगा।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाले यूपीआइ को लेकर कारोबारियों के सामने अब अतिरिक्त लागत की चिंता खड़ी हो गई है। 15 अक्टूबर 2026 से दुकानदारों और व्यापारियों को दो हजार से अधिक के यूपीआइ भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना होगा।

यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि व्यापारी से लिया जाएगा। दो हजार तक के भुगतान पर एमडीआर नहीं लगेगा और व्यक्ति से व्यक्ति लेनदेन भी इसके दायरे से बाहर रहेगा। नए प्रावधान के मुताबिक तीन हजार के भुगतान पर व्यापारी को 12 और 50 हजार के भुगतान पर 200 रुपये शुल्क देना होगा। ऐसे में अधिक राशि के डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों की लेनदेन लागत बढ़ सकती है।

बोले व्यापारी

रोजाना ग्राहक बड़ी संख्या में यूपीआइ से भुगतान करते हैं। छोटे कारोबार में मुनाफा सीमित होने के कारण यदि बड़े भुगतान पर शुल्क देना पड़ा तो महीने के हिसाब से यह अतिरिक्त खर्च बन जाएगा।
कमल मोहन दास, रेडीमेट गारमेंट व्यापारी।

अगर मर्चेंट पेमेंट पर कोई अतिरिक्त चार्ज लगाया जाता है तो उसका पूरा बोझ दुकानदारों के लिए अपने मार्जिन से उठाना आसान नहीं होगा। ऐसे में कीमतों के जरिए इसका असर ग्राहक तक पहुंचने की आशंका है।
सुमन, कास्मेटिक दुकानदार।

यूपीआइ भुगतान पर किसी भी तरह का अतिरिक्त चार्ज लगाया जाता है तो इसका असर छोटे कारोबारियों के कारोबार पर पड़ सकता है। यदि चार्ज लगता है तो अब दुकानदारों को ग्राहकों से कैश ही लेना पड़ेगा।
पुनीत सचदेवा, दुकानदार।

ग्राहक अब छोटी रकम का भुगतान भी यूपीआइ से करते हैं। अगर इस पर चार्ज लगा तो लागत बढ़ेगी। छोटे दुकानदारों का मार्जिन पहले ही कम है। हर लेनदेन पर शुल्क देना मुश्किल होगा।
यतेंद्र, डेयरी संचालक।