सहारनपुर : उप्र सरकार का वर्ष 2018-19 के बजट में कई प्रदेशों की सीमा पर बसे सहारनपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने संबंधी कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। यहां का मेडिकल कालेज व जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी की संभावनाओं से सहारनपुर अछूता ही रहा है।

सहारनपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्षों से भारी कमी चली आ कमी है। जिला अस्पताल से लेकर मेडिकल कालेज संसाधनों व चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। 95 प्रतिशत गंभीर मरीजों व घायलों तक को उपचार नहीं मिल पाता है। ऐसे मरीजों को सीधे हायर सेंटर रेफर किया जाता रहा है। उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रदेश सरकार सहारनपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही अन्य सुविधाएं देगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कालेजों के 126 करोड़ आवंटित करने की घोषणा बजट में की है जोकि खासी कम मानी जा रही है। इसमें भी उपेक्षित चल रहे सहारनपुर मेडिकल कालेज के लिए कोई बड़े पैकेज की घोषणा नहीं है। न ही स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने की योजना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने की योजना है, लेकिन पूर्व के अस्पतालों से कितना लाभ मिल पाया है यह जग जाहिर है।

मेडिकल कालेज में नहीं बढ़ाई सीट

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में साढ़े तीन हजार से अधिक विशेषज्ञों की कमी के बावजूद मात्र नोएडा मेडिकल कालेज में मेडिकल सीट बढ़ाई गई है। जबकि सहारनपुर मेडिकल कालेज को इससे भी अछूता रखा गया है। यहां का मेडिकल कालेज आज तक संसाधनों व चिकित्सकों की ओपीडी से आगे नहीं बढ़ पाया है। जिला अस्पताल में भी चिकित्सकों की भारी कमी वर्षों से चली आ रही है।

स्मार्ट सिटी के लिए खासा बजट

प्रदेश सरकार के बजट में स्मार्ट सिटी विकसित करने के लिए 1650 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की गई है। उप्र के 14 शहर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने है जिसमें 13 की घोषणा हो चुकी है। सरकार की घोषणा के बाद स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले विकास को पंख लगने की संभावना बढ़ गई है। सहारनपुर का चयन चूंकि स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने को हो चुका है, ऐसे में भारी विकास होने का मार्ग खुल गया है।

Posted By: Jagran