सहारनपुर जेएनएन। शहर के जाने-माने ट्रांसपोर्ट पीपी सिंह के बेटे पारस उर्फ इकराम ज्योत सिंह के खिलाफ 31 लाख 50 हजार रुपये की ठगी का मुकदमा कोतवाली सदर बाजार में दर्ज हो गया है। पारस के साझीदार ने ही लाखों रुपये की ठगी व उसकी कार गायब करने की तहरीर दी थी। हालांकि पिछले दिनों पुलिस ने आपस में निपटाने का वक्त दिया था लेकिन पारस के मुकरने के बाद कार्रवाई की गई है।

कोतवाली मंडी क्षेत्र के झोटेवाला निवासी अजीम अहमद पुत्र सईद अहमद का आरोप है कि शिव विहार निवासी पारस के साथ उसकी पुरानी दोस्ती है। पूर्व में कई काम साथ किए थे, इसलिए बीते साल जब पारस ने बताया कि बिहारीगढ़ क्षेत्र के क्रेशर से बजरी, रेत व कोरसेंट लेकर सप्लाई का काम मिला है तो मैं भी साझीदार हो गया था। बतौर साझीदार बीते साल 11 अप्रैल को 10 लाख रुपये व 21 मई को छह लाख तथा 31 मार्च को साढ़े पांच लाख रुपये दिए थे। इसके बाद फिर कुछ और रुपये दिए। काम के लिए एक कार भी खरीद कर दी थी। आपस में तय हुआ था कि दोनों 50-50 फीसदी के साझीदार होंगे लेकिन पारस ने न प्रोफिट दिया और न ही असल रुपया लौटाया। आरोप है कि दो दिन पहले 27 सितंबर को पारस आया और मुझसे मारपीट कर फरार हो गया। इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि पारस के खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधड़ी व चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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पूर्व डीएम के नाम पर भी ठग चुका है लाखों

धोखाधड़ी के आरोप में फंसे ट्रांसपोर्टर के बेटे पारस की मुश्किल इस बार ज्यादा बढ़ सकती है। करीब तीन साल पहले इसके खिलाफ कोतवाली नगर व सदर बाजार में भी ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस पर आरोप था कि पूर्व जिलाधिकारी के नाम पर हकीकत नगर के एक व्यक्ति से लाखों रुपये ठग लिए थे। भेद खुलने पर तत्कालीन एसएसपी प्रदीप यादव ने पारस को जेल भिजवा दिया था।

Posted By: Jagran

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