सरसावा : रविवार की रात करीब दस बजे से लेकर सोमवार की शाम तक अंबाला हाइवे व नकुड़ रोड जाम की चपेट मे रहा। लोग वैकल्पिक मार्ग की तलाश मे कस्बे की गली मोहल्लों मे भटकते रहे जाम मे फंसे वाहनों मे बैठे लोग विशेषकर महिलाएं बच्चों का बुरा हाल रहा चंडीगढ़ या मुलाना मेडिकल कालेज जाने वाले मरीज व उनके तिमारदार लोगों के सामने जाम खुलवाने के लिए गिड़गिड़ाते नजर आए। गनीमत यह रही कि कहीं-कहीं एक साइड खुली रहने के कारण छोटे वाहन जैसे तैसे निकलते रहे।

इन दिनों राजमार्ग पर खनिज व लक्कड़ से लदे ओवरलो¨डग वाहनों ने राजमार्ग की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। आए दिन लगने वाले जाम से आम जन प्रभावित हो रहा है आरोप है कि पुलिस प्रशासन इन सब के प्रति अंजान बन खनिज से भरे वाहनो को अहमियत दे रहा है जिसके चलते आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, रविवार की रात करीब दस बजे से नकुड़ रोड, अंबाला रोड पर लगा जाम सोमवार की शाम तक नही खुल पाया। करीब 20 घंटे से लगे जाम के कारण बसों व अन्य वाहनों में बैठी सवारियां, बच्चे महिलाएं प्यास और भूख के मारे बिलबिला रहे थे, उधर वाहनों के पीछे हूटर बजाती एंबुलेंस किसी तरह आगे बढ़ना चाह रही थी। मगर जाम के कारण एंबुलेंस मे बैठे मरीज व उनके तीमारदार अपनी बेबसी पर आंसू बहाते भगवान से जाम खुलने की प्रार्थना कर रहे थे। स्कूल जाने के लिए बच्चों व उनके अभिभावकों का भी बुरा हाल रहा। स्कूल की वैन या बसों मे बैठे बच्चे अपने अगले वाहन चालक से अंकल प्लीज रास्ता दे दीजिए की गुहार लगा रहे थे। लोगो का कहना है कि मुख्यमंत्री के दो बार आगमन के बाद भी न तो यातायात व्यवस्था और न ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रशासन द्वारा कराया गया। लोगो का कहना है कि इस बार मुख्यमंत्री के आगमन पर एक प्रतिनिधि उनसे मिलकर जिले के हालात व टूटी सड़कों की समस्या से अवगत कराएंगे।

Edited By: Jagran