सहारनपुर, जेएनएन। बिजली अधिकारियों की लापरवाही के चलते स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 40 से अधिक गांव की सप्लाई पिछले 18 घंटे से गुल है। समस्या के समाधान की ओर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।

यह समस्या पांच वर्ष पहले तब शुरू हुई थी जब मुजफ्फराबाद के 33/11केवी उपकेंद्र को कमेशपुर के स्थान पर कलसिया पारेषण केंद्र से जोड़ा गया। तभी से गलत स्थान पर बनाई गई एचटी लाइन परेशानी का सबब बनी है। स्थिति ये है कि जरा सी तेज हवा में लाइन में ब्रेकडाउन की स्थिति बन जाती है। शुक्रवार रात में आई आंधी से 33 केवी ब्रेक डाउन ऐसा हुआ कि शनिवार देर शाम तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई। ग्रामीण संजय शर्मा, मांगेराम, प्रवीण गुप्ता, अरविद सैनी, आनन्द प्रकाश शर्मा आदि का आरोप है कि गलत लाइन परेशानी का सबब बनी हुई हैं। एक्सईएन बेहट योगेंद्र सिंह का कहना है कि एचटी लाइन के दो तीन खम्भे तूफान में टूट गए थे जिन्हें बदलवाकर सप्लाई चालू करवा रहे हैं।

उमस भरी गर्मी में फुंके ट्रांसफार्मर ने बढ़ाई परेशानी

संवाद सूत्र तीतरो: बढ़ती गर्मी के बीच नगर के मीरा में रखे ट्रांसफार्मर के फुंक जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले चार माह में ट्रांसफार्मर तीन बार फुंक चुका है। कस्बे के बड़े हिस्से में अंधेरा छाया हुआ है।

शुक्रवार की दोपहर कस्बे में रखा यह ट्रांसफार्मर पिछले चार माह में तीसरी बार फुंका। नागरिक जहां इसके फुंकने का कारण ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की लापरवाही बता रहे हैं। वहीं कर्मचारी ओवरलोडिग से ट्रांसफार्मर फुंकने की बात कह रहे हैं। नगर निवासी दीपक कुमार, सभासद रमेशचंद, सुरेश कुमार का कहना है कि पिछले 15 दिनों से बार-बार ट्रांसफार्मर से जुड़ी लाइनें फाल्ट कर रही थीं, लेकिन बिजली कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। लाइनों में खराबी के चलते आधे कस्बे की जनता को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा था, बार-बार ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों के सामने पेयजल व बिजली आधारित उद्योग धंधे ठप होकर रह गए हैं। सहायक अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि ओवरलोडिग के चलते ट्रांसफार्मर फुंका है। सहारनपुर स्थित स्टोर में ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं है। ट्रांसफार्मर के बदलने में समय लग सकता है।

Edited By: Jagran