देवबंद (सहारनपुर) : न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए कत्लेआम की घटना पर दारुल उलूम वक्फ और जमीयत उलमा-ए-हिद ने दुख का इजहार किया है। कहा कि आतंकवाद से अब इबादतगाहें भी महफूज नहीं रही हैं। उलमा ने आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया से एकजुट होने का आह्वान किया है।

दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने कहा कि आतंकवाद विश्वव्यापी समस्या बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र संघ को विशेष बैठक बुलाकर इससे निपटने के तरीकों पर विचार करना चाहिए। जमीयत उलमा-ए-हिद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि इस्लाम विरोधी ताकतें सोची समझी साजिश के तहत इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ती है, लेकिन क्राइस्टचर्च की घटना ने इस झूठे प्रोपंगडे की कलई खोल कर रख दी है। दहशतगर्दी को किसी मजहब से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। जमीयत उलमा-ए-हिद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि आज दहशतगर्दी एक नासूर बन गई है। पूरी दुनिया आतंकवाद के खात्मे को एकजुट हो। दारुल उलूम वक्फ के शेखुल हदीस एवं तंजीम उलेमा-ए-हिद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अहमद शाह खिजर मसूदी ने भी क्राइस्टचर्च घटना की कड़े शब्दों में निदा की।

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