महंगाई का कड़वा घूंट: त्योहारों से पहले फुटकर बाजार में चीनी के दाम 70 रुपये तक पहुंचे, उपभोक्ताओं का बिगड़ रहा बजट
Sugar Price Hike: त्योहारी सीजन में सहारनपुर में चीनी के दाम 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का बजट प्रभावित हो रहा है।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
सितंबर में आई गिरावट के बाद फिर बढ़ी महंगाई की चिंता ।
फैक्ट्री से लेकर फुटकर बाजार तक चीनी के दाम बढ़ रहे।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी हैं। बाजार में चीनी के दाम एक बार फिर तेजी की ओर हैं। फुटकर बाजार में दाम 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।
इससे घरों में रोजाना चाय बनाने से लेकर त्योहारों पर मिठाई और अन्य पकवान तैयार करने तक का बजट प्रभावित हो रहा हैं।। खासकर नवरात्र, करवाचौथ और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान चीनी की खपत बढ़ने से इसकी कीमतों पर दबाव पड़ने की आशंका हैं।
चीनी के दामों में पिछले कुछ महीनों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला हैं। अगस्त में कीमतों में तेजी आने के बाद सितंबर में गिरावट दर्ज की गई थी। उस समय फुटकर बाजार में चीनी के दाम करीब 50 रुपये प्रति किलो तक आने की बात कही गई थी। अब त्योहारों की तैयारियों के बीच कीमतों में दोबारा तेजी की चर्चा हैं।
मोरगंज बाजार के व्यापारी सुरेंद्र, अजय व जगदीश का कहना हैं कि चीनी को थोक बाजार से बल्क में उठा लिया गया हैं। अब एजेंट मनमाने दामों पर बेच रहे हैं।
इस तरह से बढ़े दाम
- जून 2026 से चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का दौर शुरू हुआ, जिसमें कम भंडार और वैश्विक कमी मुख्य कारण रहे।
- 20 जुलाई 2026 को फुटकर बाजार में चीनी की औसत कीमत 48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त 2026 तक बढ़कर 55.70 प्रति किलो हो गई, करीब 16% की एक महीने में वृद्धि हुई।
- सितंबर 2026 में फुटकर बाजार में चीनी के दाम 60 से 62 रुपये तक पहुंच गए।
- 15 सितंबर के बाद चीनी के दाम एकदम से वापस नीचे गिरे और 55 रुपये तक पहुंच गए।
- 11 अक्तूबर को चीनी के दाम फुटकर में 60 रुपये प्रति किलो पहुंचे, जबकि थोक मार्केट में 5700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए।
- 12 अक्तूबर को चीनी के दाम फिर से पांच रुपये फुटकर में बढ़े
- 14 अक्तूबर को चीनी के दाम 70 रुपये किलो फुटकर में आ गए जबकि थोक में 6400 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गए।
इन्होंने कहा
महंगाई के कारण हर सामान सोच-समझकर खरीदना पड़ रहा हैं। चीनी के दाम ऐसे ही बढ़े तो रसोई का बजट बहुत महंगा हो जाएगा। कहां तक कटौती की जाए।
मुस्कान शर्मा, गृहिणी
त्योहारों के दौरान बच्चों और परिवार के लिए मिठाई और पकवान बनाना जरूरी होता हैं। चीनी की कीमत बढ़ने का सीधा असर रसोई के खर्च पर पड़ेगा। उन्होंने बाजार में कीमतों की नियमित निगरानी कराने और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने की मांग की।
कविता कर्णवाल, गृहिणी।
