सहारनपुर, जेएनएन। कोरोना काल के मद्देनजर ऐतिहासिक श्री गोगा वीरजी की म्हाड़ी पर वर्षों से चली आ रही आस्था की बयार इस बार नहीं बहेगी। म्हाड़ी पर छड़ियां तो पहुंचेंगी, लेकिन लोगों के जाने व प्रसाद तथा निशान चढ़ाने पर पाबंदी रहेगी।

भाद्रपद की दशमी को हर वर्ष म्हाड़ी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर मन्नत पूरी होने पर निशान व प्रसाद चढ़ाते है। सैकड़ों वर्षों से यह परंपरा कायम है। कोविड-19 के चलते प्रशासन द्वारा सुरक्षात्मक कदम उठाने से लाखों श्रद्धालु वंचित रह जायेंगे। म्हाड़ी मेले के संबंध में श्रीशिव गोरख जाहरवीर सेवा समिति के बैनर तले छड़ियों के भगतों का प्रतिनिधि मंडल संस्थापक पंकज उपाध्याय, नेजा सरदार छड़ी के स्वामी विनोद प्रकाश के नेतृत्व में एसपी सिटी से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि कोरोना के कारण इस बार मेला गुघाल का आयोजन नहीं किया जायेगा। 16 सितबर भाद्रपद दशमी को छड़ियों की किसी प्रकार की शोभायात्रा की अनुमति नहीं है। पांच व्यक्ति एक छड़ी के साथ म्हाड़ी स्थल पहुंचकर पूजा अर्चना करेंगे। पंकज उपाध्याय व विनोद प्रकाश ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वह इस बार गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी स्थल पर निशान व प्रसाद चढ़ाने ना पहुंचे तथा घर पर ही पूजा अर्चना करें। उन्होंने बताया कि गुरूवार को सायं पांच बजे भगत अपने वाहनों से म्हाड़ी स्थल पहुंच अपने स्थानों पर पूजा अर्चना करेंगे। 18 सितंबर की सुबह छड़ियों की वापसी होगी तथा वापसी में छड़ियां भैरों मंदिर पर भी विश्राम नहीं करेंगी। इस दौरान भगत गंगाशरण, पवन सैनी, दीपक उपाध्याय सुरेश कश्यप, गोविद सैनी, रविकुमार, विजय स्वरूप, चौ. भगत गिरी आदि मौजूद रहे।

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