सहारनपुर, जेएनएन। नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलाइंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. कुल भूषण शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को आनलाइन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटाप और मोबाइल उपलब्ध कराने चाहिए। ज्यादातर अभिभावकों की आर्थिक खराब होने के कारण वह बच्चों को ये संसाधन उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।

रविवार को पेपर मिल रोड स्थित जय हिद पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि स्कूल आनलाइन कक्षाएं चला रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में अभिभावक बच्चों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है और शिक्षकों को वेतन देने के लिए स्कूलों के पास पैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को राशन देने की बजाए निजी स्कूलों के बच्चों को मोबाइल और अध्यापकों को वेतन देने का काम करें। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के छात्रों का मूल्यांकन एक समान नीति के आधार पर कराने की मांग की।

उन्होंने सवाल किया कि जब कोरोना में चुनाव हो सकते हैं तो कोरोना गाइडलाइन के अनुसार स्कूल क्यों नहीं खोले जा सकते। राष्ट्रीय अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश के दो लाख प्राइवेट स्कूलों में से तीस हजार स्कूल बंद हो चुके हैं। मौजूदा सरकार रोजगार और नौकरी देने के वादे पर सत्ता में आई थी, जबकि रोजगार देने की बजाए रोजगार लेने पर आमादा है।

संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश समन्वयक व मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक मलिक ने कहा कि निजी स्कूलों में शिक्षक भुखमरी के कगार पर है और मजदूरी करने पर मजबूर हैं। यह देश का दुर्भाग्य है कि मनरेगा योजना में आर्थिक संकट के चलते शिक्षक मजदूरी करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार हमें आर्थिक राहत पैकेज नहीं दे सकती लेकिन हमारा आरटीई का पिछले चार वर्षों का बकाया दे दिया जाए तो शिक्षकों को वेतन दिया जा सकता है।

बैठक को प्रदेश सचिव अमजद अली खान, महिला इकाई की अध्यक्ष समरीन फातमा, केपी सिंह सरवर अली खान, पुष्पेंद्र कुमार शर्मा, नकली राम उपाध्याय, सुभाष कुमार,अनुराग शर्मा, संजय शर्मा, मुकेश व अमरीश शर्मा ने संबोधित किया। अध्यक्षता बालेश्वर त्यागी और संचालन अमजद अली खान एडवोकेट ने किया।

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