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सहारनपुर की अदिति और काजल ने कायम की मानवता का बड़ी मिसाल, रोजाना भर रहीं 350 भूखे पेट

Published: Sun, 18 Oct 2026 11:21 AM (IST)

सहारनपुर की अदिति बनर्जी और काजल खुराना 'हैंड्स-टू-केयर वेलफेयर सोसायटी' के माध्यम से रोजाना 300-350 जरूरतमंदों को भोजन कराकर मानवता की मिसाल पेश कर रही हैं।

काजल खुराना और अदिति बनर्जी (बाएं से दाएं)।

काजल खुराना और अदिति बनर्जी (बाएं से दाएं)।

HighLights

  1. अदिति और काजल रोजाना 350 जरूरतमंदों को भोजन कराती हैं।

  2. हैंड्स-टू-केयर सोसायटी 2017 से निश्शुल्क भोजन योजना चला रही है।

  3. एसबीडी जिला चिकित्सालय के पास जरूरतमंदों को भरपेट भोजन मिलता है।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जरूरतमंद लोगों के लिए कुछ नया करने की सोच को धरातल पर उतारने का काम हैंड्स-टू-केयर सोसायटी की वीमेन सेल बखूबी कर रही है। रोजाना 300 से अधिक व्यक्तियों को संस्था भोजन सुलभ करा रही है। सेल की अदिति बैनर्जी और काजल खुराना की देखरेख में संचालित सांध्यकालीन रसोई वरदान बन रही है।

नेक नीयत के साथ शुरू की गई संस्था हैंडस-टू-केयर की पहल धीरे-धीरे रंग ला रही है। मरीजों के तीमारदारों और राहगीरों के लिए पांच वर्ष पहले शुरू की गई रसोई से जरूरतमंद लोगों को भरपेट भोजन मिल रहा है।

जिला चिकित्सालय के के सामने शुरू की रसोई

सेल की प्रेसीडेंट अदिति बनर्जी और मोटिवेशनल सेल की प्रेसीडेंट काजल खुराना के मार्गदर्शन में एचटीसी रसोई ऑन व्हील्स मानवता की नई मिसाल पेश कर रही है। 28 दिसंबर-2021 से एसबीडी जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी गेट के सामने रसोई सेवा शुरू की गई थी।

रोजाना शाम को यहां रसोई वैन से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए नाममात्र का व्यवस्था शुल्क भी संस्था लेती है। अक्सर रोजाना कई ऐसे जरूरतमंद रसोई में पहुंचते हैं, जिनके पास चुकाने के लिए शुल्क नहीं होता है।

ऐसे में संस्था के सदस्य उसका अंशदान जमा कराते हैं। शाम को रसोई वैन नियत स्थान पर लगाने से पहले एक राउंड एसबीडी जिला चिकित्सालय का लगाया जाता है, जिससे मरीजों के तीमारदारों को वहीं पर भोजन सुलभ कराया जा सके। रोजाना रसोई से 300-350 व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

जीवन के खास दिनों को एक नया अर्थ

दोनों की प्रेरणा से लोग अपने जीवन के खास दिनों को एक नया अर्थ दे रहे हैं। लोग अपने जन्मदिन, मैरिज एनिवर्सरी, स्वजनों की पुण्यतिथि या किसी नए काम के उद्घाटन के अवसर पर यहां लंगर सेवा प्रायोजित करते हैं। संस्था ने समाज को सिखाया है कि अपनी खुशियों को होटल या रेस्टोरेंट तक सीमित न रखकर उन लोगों के बीच मनाएं, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।

नारी शक्ति की भागीदारी से अदिति और काजल के काम ने महिलाओं और बेटियों को एक बड़ा मंच दिया है। इनके प्रयास की बदौलत गृहणियां, कामकाजी महिलाएं और छात्राएं एचटीसी रसोई की लंगर सेवा में सहयोग दे रही हैं। उनका कहना है कि संस्था से 140 से अधिक सदस्य जुड़े जो आपसी अंशदान से संस्था का संचालन कर रहे हैं।

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