विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सांप के डसने पर अस्पताल की जगह करते रहे तांत्रिक की तलाश, महिला की मौत

By Praveen Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 08 Sep 2026 06:17 PM (IST)

Saharanpur News: सहारनपुर के टीडोली गांव में सर्पदंश से 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। स्वजन द्वारा झाड़फूंक के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. महिला के परिवार ने झाड़फूंक के चक्कर में उपचार में देरी की।

  2. डॉक्टर बोले- सर्पदंश पर तत्काल पहुंचे अस्पताल, एंटीवेनम उपलब्ध।

संवाद सूत्र, अंबेहटा (सहारनपुर)। अंबेहटा नगर के निकटवर्ती ग्राम टीडोली में सर्पदंश से 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आरोप है कि परिजन झाड़फूंक के चक्कर में समय गंवाते रहे, जिसके चलते महिला को समय पर उपचार नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि यदि महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया जाता तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी।

गांव निवासी सालिम ठेकेदार की पत्नी मुर्तजा दूध निकालने के बाद पशुओं के आसपास धुआं करने के लिए कमरे में रखे उपले लेने गई थी। जैसे ही उसने उपला उठाया, उसके नीचे बैठे काले सांप ने उसकी उंगली में डस लिया। महिला के शोर मचाने पर स्वजन मौके पर पहुंचे। घटना के बाद परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने के लिए आसपास के गांवों में तात्रिकों और सपेरों की तलाश करने लगे।

इसी दौरान महिला के पति ने सांप की पहचान के लिए खेड़ा अफगान निवासी एक सपेरे को बुलाया। सपेरे ने कमरे में सांप की तलाश की और कुछ देर बाद सांप भी मिल गया। इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और करीब दो घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।

मंगलवार सुबह गमगीन माहौल में महिला को सुपुर्द ए खाक किया गया। मृतका अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गई है। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी मातम पसरा हुआ है।

सीएचसी प्रभारी डा. अमन गोपाल ने सीएचसी में एंटीवेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों के बजाय समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। सर्पदंश की स्थिति में देरी जानलेवा हो सकती है।

सांप काटने पर क्या करें

  • पीड़ित को शांत रखें और कम से कम चलने दें। काटे गए अंग को स्थिर रखें और अनावश्यक हिलाने-डुलाने से बचें।
  • अंगूठी, कड़ा, पायल, जूते या अन्य कसाव वाली चीजें तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ सकती है।
  • पीड़ित को जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। संभव हो तो सांप की पहचान केवल सुरक्षित दूरी से करें। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।

क्या न करें

  • झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी ओझा के पास जाने में समय बर्बाद न करें। घाव को काटकर खून निकालने की कोशिश न करें।
  • घाव को मुंह से चूसें नहीं। रस्सी या कपड़े से बहुत कसकर बांधकर रक्त प्रवाह रोकने की कोशिश न करें। बर्फ, मिट्टी, जड़ी-बूटी, तेल, मिर्च या कोई रसायन घाव पर न लगाएं। पीड़ित को शराब या बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न दें।