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सहारनपुर की चीनी मिलों के मरम्मत कार्य में तेजी, लेक‍िन 8 में से एक मिल में ही इस माह शुरू होगी पेराई

By Vishva Pratap Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 16 Oct 2026 05:50 AM (IST)

Saharanpur News: सहारनपुर में चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू होने की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें देवबंद चीनी मिल 28 अक्टूबर से सबसे पहले पेराई शुरू करेगी।

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HighLights

  1. बिडवी चीनी मिल में आठ और गागलहेड़ी में 15 नवंबर से पेराई शुरू होने की उम्मीद।

  2. नानौता, सरसावा और शेरमऊ चीनी मिल में पेराई शुरू करने की संभावित तिथि एक नवंबर।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जनपद में चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू करने को लेकर तैयारी जोरों पर हैं। सभी मिलों में मरम्मत और रखरखाव कार्य तेजी से चल रहा है। शासन की ओर से चीनी मिलों में पेराई सत्र जल्दी शुरू कराए जाने के निर्देशों के बावजूद केवल देवबंद चीनी मिल ही अक्टूबर में पेराई शुरू करने की तैयारी में है।

त्रिवेणी ग्रुप की देवबंद चीनी मिल में सबसे पहले 28 अक्टूबर को गन्ना पेराई शुरू होने की उम्मीद है। वहीं गागलहेड़ी चीनी मिल का पेराई सत्र सबसे बाद में शुरू होने की संभावना है।
जनपद में कुल आठ चीनी मिल हैं। इनमें से टोडरपुर चीनी मिल पिछले साल से बंद पड़ी है।

वहीं इस साल गागलहेड़ी चीनी मिल के संचालन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। दया शुगर मिल गागलहेड़ी को अनुबंध पर लेने वाले अरुण कुमार भाटी ने चीनी मिल में पेराई सत्र शुरू करने की संभावित तिथि 15 नवंबर बताई है।

उत्तम ग्रुप की शेरमऊ चीनी मिल तथा सहकारी क्षेत्र की नानौता व सरसावा चीनी मिलों के एक नवंबर से पेराई शुरू करने उम्मीद है। वहीं बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल ने दो नवंबर तथा वेव ग्रुप की बिडवी चीनी मिल ने संचालन शुरू करनेकी संभावित तिथि आठ नवंबर घोषित की है।

मिल ----पेराई शुरू करने की संभावित तिथि

  • देवबंद - 28 अक्टूबर
  • गांगनौली- दो नवंबर
  • शेरमऊ - एक नवंबर
  • बिडवी - आठ नवंबर
  • गागलहेड़ी - 15 नवंबर
  • नानौता - एक नवंबर
  • सरसावा - एक नवंबर

बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल ही बना रही एथेनाल

सहारनपुर : जनपद की सातों चीनी मिलों में से केवल गांगनौली चीनी मिल में ही एथेनाल निर्माण इकाई संचालित हो रही है।

गन्ना विभाग के बाबू रजनीश कुमार ने बताया कि बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल में सी हैवी शीरे से ही एथेनाल बनाया जाता है। हालांकि मिल में लगे एथेनाल प्लांट में बी हैवी शीरा और गन्ने के रस से भी उत्पादन किया जा सकता है, लेकिन यहां केवल सी हैवी शीरे से ही एथेनाल बनाया जा रहा है।

बता दें कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में इस बार गन्ने की पैदावार कम बताई जा रही है। इससे इस साल देश में चीनी का उत्पादन कम रहने और दाम अच्छे रहने की उम्मीद है। ऐसे में सभी चीनी मिल ज्यादा से ज्यादा चीनी उत्पादन को लेकर तैयारी में जुटी हैं।

बता दें कि गन्ने के रस से चीनी बनने की प्रक्रिया के बाद जो अवशेष बचता है, उसे सी हैवी शीरा कहते हैं। इसमें मिठास नहीं होती। वहीं सी हैवी शीरे में 15 प्रतिशत तक मिठास छोड़ दी जाए तो उसे बी हैवी शीरा कहा जाता है। दोनों से एथेनाल बनता है, लेकिन बी हैवी शीरा बनाए जाने से चीनी उत्पादन में कमी आती है।