सहारनपुर, सर्वेंद्र पुंडीर। हाजी इकबाल की उन 148 बेनामी संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है, जो उनके करीबी रसूखदारों के नाम पर थीं। पड़ताल में सामने आया कि उक्‍त बेनामी संपत्तियों में हाजी इकबाल का अवैध धन लगा हुआ है। अब एसआइटी इन 148 कंपनियों तथा हाजी के करीबियों की पूरी कुंडली खंगालने में जुट गई है और पिछले 20 सालों के लेनदेन समेत संपत्तियों ब्यौरा जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हाजी इकबाल की इनके साथ कोई व्यापारिक साझेदारी तो नहीं थी।

पुलिस को अंदेशा और भी हो सकती है बेनामी संपत्ति 

पुलिस को अंदेशा है कि इन लोगों के नाम पर और भी बेनामी संपत्ति हो सकती है। दूसरे प्रदेशों में भी ऐसी संपत्ति को खरीदने की आशंका है। एसएसपी विपिन ताडा का कहना है कि जो भी बेनामी संपत्ति है। उनकी कुछ की जांच हो चुकी है और कुछ ही होनी बाकी है। जल्द ही पूरी संपत्ति की एसआइटी जांच करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

एसआइटी की सूची में नाम

एसआइटी की सूची के अनुसार हाजी इकबाल ने अपने बेटे आलीशान, अब्दुल वहीद एवं एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट, शिलालिक एग्रोटेक फार्म, हाजी हार्वेस्टिंग फार्मी पार्टनर मोहम्मद फैजान, यमुना एग्रोटेक फार्म पार्टनर विश्वास कुमार, मोहम्मद नदीम, इनाम पुत्र अब्दुल वहीद, यमुना एग्रो सोल्युशन फार्म पार्टनर विश्वास कुमार, ग्रेसन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रंजन कुमार राय, हरियाणा एग्रीकल्चर फार्म पार्टनर मनदीप, नेशनल एग्रीकल्चर पार्टनर मोहम्मद अफजाल, कामधेनू डेरी फार्म पार्टनर मोहम्मद अफजाल, मिल्कसी एग्रोटेक फार्म मुख्तार रजी फारूखी, अब्दुल कादिर, सोनू खान, वीएनएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड अधिकृत मोहन किलारू, मोहम्मद वाजिद अली, पूर्व एमएलसी महमूद अली, अनिल कुमार, वरिंडा गारमेंट्स, मोहम्मद नदीम, सैफुल्ला खान, अरुण कुमार, कलीराम, मोहम्मद अरशद, इनाम आदि के नाम पर जमीनें खरीदी गई थीं। इन सभी जमीनों को जब्त कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि उपरोक्त सभी के नाम पर एक-एक नहीं कई-कई संपत्तियों को खरीदा गया।

आखिर क्या सामान लेकर भागे कार से

बुधवार को मिर्जापुर पोल स्थित हाजी इकबाल की कोठी पर दुष्कर्म के मामले में धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस चस्पा कर दिया था। इसके बाद पुलिस वापस लौट आई थी, लेकिन जब शाम के समय पुलिस कोठी को सील करने के लिए पहुंची तो इस कोठी से एक इनोवा कार निकली। जिसके अंदर कुछ महिलाएं थी। पुलिस को कार की तलाशी लेनी थी, लेकिन कार इतनी स्पीड में थी कि पुलिस रोक नहीं सकी। अनुमान है कि कार में कुछ कीमती सामान ले जाया गया है।

इकबाल से जुड़ी 690 बीघा कृषि भूमि कुर्क

खनन माफिया एवं पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल से संबंधित संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के आठ गांवों में 46 हेक्टेयर (690 बीघा) कृषि भूमि कुर्की कर संपत्ति पर राज्य सरकार में निहित होने के बोर्ड लगा दिए। बुधवार को इकबाल की मिर्जापुर की कोठी कुर्क करने के साथ ही तीन स्थानों पर कृषि भूमि कुर्क की गई थी। गुरुवार को तहसीलदार प्रकाश सिंह व सीओ मुनीश चंद्र के साथ मिर्जापुर व बेहट पुलिस की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। तहसीलदार प्रकाश सिंह ने बताया कि अली अकबरपुर गांव, शेरपुर पेलो, फैजाबाद, असलमपुर बरथा, बरथा कोरसी, रसूली, जयंतीपुर व शाहपुर गाड़ा गांव में चिह्नित की गई 46 हेक्टेयर (690 बीघा) कृषि भूमि कुर्क की गई है। इन संपत्तियों पर नियमानुसार बोर्ड लगा दिए गए हैं।

Edited By: Sarvendra Pundir

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