रसोई पर महंगाई का हमला: आटा, दाल, चावल से लेकर काबुली चना तक सब कुछ हुआ महंगा, इस पर क्या बोलीं सहारनपुर की गृहणियां?
Saharanpur News: आटा, दाल और तेल सहित रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
आटा, दाल, तेल के दाम में भारी वृद्धि।
लाल मिर्च, सरसों तेल, अरहर दाल हुई काफी महंगी।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। दाल, मसाले और खाद्य तेल के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। अगस्त की तुलना में सितंबर में रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। लाल मिर्च के भाव में सबसे अधिक 40 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, सरसों का तेल 20 रुपये किलो और अरहर दाल 15 रुपये किलो तक महंगी हुई है। इससे गृहस्थी का खर्च बढ़ गया है। रसोई का सामान खरीदने में हर महीने पहले से अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। दाल, मसाले और तेल महंगे होने से महिलाओं का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। जरूरी सामान की कीमतें बढ़ने से दूसरी जरूरतों के लिए कम राशि बच रही है।
खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से आम परिवारों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। आटा, चावल, दाल, चना और खाद्य तेल की कीमतों में एक महीने में तेजी आई है। थोक बाजार में बढ़े दामों का असर अब फुटकर बाजार में भी दिखाई दे रहा है। इससे रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं के दाम 10 से 40 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं।
बाजार में आटा 300 रुपये से बढ़कर 340 रुपये प्रति 10 किलो हो गया है। बासमती चावल के दाम 100 से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। अरहर दाल 125 से बढ़कर 140 रुपये किलो हो गई है। चना दाल 80 से 90 रुपये, देशी चना 75 से 85 रुपये और भुना चना 100 से बढ़कर 120 रुपये किलो बिक रहा है।
काबुली चना के दाम में भी 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। यह अब 100 से बढ़कर 120 रुपये किलो पहुंच गया है। खाद्य तेलों में भी तेजी देखने को मिल रही है। रिफाइंड तेल 175 से बढ़कर 185 रुपये और सरसों का तेल 180 से बढ़कर 190 रुपये प्रति किलो हो गया है। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर घर के मासिक राशन पर पड़ रहा है।
अगस्त और सितंबर में दाम
- सामान- अगस्त- सितंबर
- अरहर दाल-110- 125
- उड़द दाल- 100-110
- चना-70-80
- बेसन- 90-110
- जीरा-290- 320
- लाल मिर्च-200-250
- हल्दी-200-220
- सरसों का तेल-180-200
बोलीं गृहिणियां
महंगाई की मार से लगातार परेशानी बढ़ती जा रही हैं। सामान का दाम बढ़ने से घर का खर्च कम करना पड़ रहा है।
-आरती रावत, गृहिणी, पंत विहार
तेल के दाम बढ़ने से दाल में तड़का लगाना महंगा होता जा रहा है। रसोई में देखभाल का सामग्री का प्रयोग करना पड़ रहा है।
-वर्षा, पेपर मिल रोड
दाल व तेल के साथ ही पिछले कई दिनों से सब्जी के दाम भी बढ़े हैं। पहले दाल खाकर काम चला रहे थे। अब हरी सब्जी भी महंगी हो गई।
-रेखा प्रजापति पंत, विहार
मसालों के दामों के बढ़ने के कारण रसोई का बजट बढ़ गया है। हर सामान का इस्तेमाल करने से पहले बजट भी बनाकर चलना पड़ रहा है।
-सल्तनत खाताखेड़ी
