सहारनपुर में 1.30 लाख उपभोक्ताओं की LPG बुकिंग बंद, E-KYC न कराने का नतीजा
सहारनपुर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या करीब आठ लाख है। इनमें लगभग 1.30 लाख उपभोक्ताओं का अब तक ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं हुआ है।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
जिले में करीब आठ लाख घरेलू गैस उपभोक्ता व 57 गैस एजेंसियां।
लोगों को ई-केवाईसी जल्द पूरा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जिले में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले करीब एक लाख 30 हजार घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग बंद कर दी गई है। 30 सितंबर की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद एक अक्तूबर से ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग में दिक्कत आने लगी है। ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं होने तक उन्हें घरेलू सिलिंडर की नियमित आपूर्ति नहीं मिल सकेगी। इसके साथ ही सब्सिडी के लाभ से भी वंचित होने का खतरा है।जिले में इंडेन, एचपी और भारत गैस की कुल 57 एजेंसियां घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रही हैं।
इन एजेंसियों से जुड़े घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या करीब आठ लाख है। इनमें लगभग 1.30 लाख उपभोक्ताओं का अब तक ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं हुआ है। यही वजह है कि तेल कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं की बुकिंग पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इंडियन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम से जुड़ी गैस एजेंसियों को लंबित ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। तेल कंपनियों का जोर उन उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा कराने पर है, जिनकी जानकारी अभी तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपडेट नहीं हुई है।
उपभोक्ताओं को लंबित ई-केवाईसी जल्द पूरा कराने को जागरूक किया जा रहा
उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि ई-केवाईसी कराने के लिए उन्हें जरूरी नहीं कि एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ें। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता खुद भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित गैस एजेंसी पर पहुंचकर भी सत्यापन कराया जा सकता है। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को लंबित ई-केवाईसी जल्द पूरा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
ई-केवाईसी न कराने के परिणाम
ई-केवाईसी लंबित रहने से उपभोक्ताओं को केवल बुकिंग बंद होने की परेशानी ही नहीं उठानी पड़ेगी, बल्कि सब्सिडी का लाभ भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को आगे चलकर सिलिंडर के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
