मस्जिद ध्वस्तीकरण पर विपक्ष हमलावर, कहा-सरकार के इशारे पर प्रशासन कर रहा तोड़फोड़ की कार्रवाई
सहारनपुर में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर सपा, बसपा और आजाद समाज पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी ...और पढ़ें

शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में कई जेसीबी लगाकर अवैध निर्माण कर बनाई गई मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की गई कार्रवाई। जागरण
HighLights
सपा, बसपा, आजाद समाज पार्टी ने ध्वस्तीकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
विपक्ष ने प्रशासन पर सरकार के इशारे पर कार्रवाई का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। कलक्ट्रेट में अवैध घोषित की गई मस्जिद को ध्वस्त किए जाने पर सपा, बसपा और आजाद समाज पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रशासन पर सरकार के इशारे पर ध्वस्तीकरण का आरोप लगाया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मस्जिद ध्वस्तीकरण पर कहा कि अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर ये काम किया है, जिससे अगली कोर्ट में मस्जिद पक्ष को न्याय ना मिल जाए। क्या हाईकोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था? ये इसलिए हो रहा है, क्योंकि भगवान प्रभु श्रीराम के चढ़ावे की चोरी में ये लोग पकड़े गए।
एसआइटी बनाकर जेल भेजने वाली बात से इनका सब कुछ छिन गया। जनता जान गई है कि ये किस तरह के लोग हैं, इसलिए वे इसे सांप्रदायिक एंगल दे रहे हैं। भाजपा वही है, जिसने अपने पहले अध्यक्ष बनने पर सबसे ज्यादा चंदा मुस्लिम लोगों से लिया था। अखिलेश ने कहा कि सच्चा हिंदू कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं कर सकता। हमने तो यही सनातन में सीखा है।

वहीं, इंटरनेट मीडिया साइट एक्स पर डाली पोस्ट में बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि मस्जिदों को आपाधापी में अवैध बताकर ध्वस्त करने का सरकारी अभियान चल रहा है। नकारात्मक हालात से बचने के लिए सरकार इस पर तुरन्त रोक लगाए। सभी धर्मों के मानने वालों का सम्मान और उनके धर्मस्थलों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। माननीय न्यायालय भी इस ओर ध्यान दें तो उचित होगा। सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें।

दिल्ली रोड पर पैरामाउंट कालोनी स्थित कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिजनौर सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि कानून का जिस तरह से दुरुपयोग प्रशासनिक तंत्र कर रहा है, ये अच्छा नहीं है। हम कोर्ट का रास्ता अख्तियार करेंगे और अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगे। अगर आंदोलन करना पड़ा तो आंदोलन भी करेंगे। ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं, अगर आज हम चुप रहे तो कल किसी और जिले में होंगी।
