मस्जिद प्रकरण: 250 साल पुराने कुएं को लेकर रिपोर्ट पुरातत्व विभाग निदेशक को सौंपी, स्थल की पुलिस कर रही निगरानी
Saharanpur News: कलक्ट्रेट में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मिले कुएं की जांच रिपोर्ट निदेशक उत्तर ...और पढ़ें

सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में खुदाई के दौरान मिला कुंआ। जागरण आर्काइव
HighLights
सहारनपुर कलक्ट्रेट में मिला था यह कुआं।
कुएं के आसपास बेरिकेडिंग की गई है।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। कलक्ट्रेट में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मौके पर निकले कुएं की जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग की निदेशक को सौंपी गई है।
पुरातत्व अधिकारी ने यहां सात सितंबर को मौके पर पहुंचकर सीढ़ी से कुएं में उतरकर जांच की थी, उनके द्वारा कुएं को ऐतिहासिक बताते हुए 200-250 वर्ष पुराना उत्तर मध्यकालीन समय का बताया गया था। माना जा रहा है कि विभाग की ओर से रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को जिला जज न्यायालय के आदेश के बाद पांच सितंबर शनिवार को सुबह-सवेरे को जिला प्रशासन द्वारा ध्वस्त करा दिया था। छह सितंबर रविवार को मलबे के उठान के बाद मस्जिद स्थल पर कुआं निकला था। बुलडोजर द्वारा मलबे के उठान के दौरान एक भारी-भरकम स्लैब को हटाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी थी।
बाद में स्लैब को मशीन से काटे जाने के बाद निकला कुआं सूखा हुआ मलबे से भरा था। सात सितंबर सोमवार को यहां उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग लखनऊ से सहायक पुरातत्व अधिकारी डा.मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम आई थी। डा. यादव ने अधिकारियों से जानकारी के बाद कुएं और आसपास के स्थल की फोटोग्राफी की थी।
बाद में कुएं की प्राचीनता की जानकारी के लिए वह सीढ़ी से कुएं में उतरे थे। डा.यादव ने बताया था कि प्रथम दृष्टया यह कुआं है अथवा नहीं, यह स्पष्ट नही किया जा सकता, इसकी संरचना उत्तर मध्यकालीन है। यह 200-250 वर्ष पुराना लखाैरी ईटों से बना है। कुएं जैसा यह गड्ढ़ा 20 फीट गहरा और तीन मीटर व्यास का है और उसमें मलबा भरा है।
गड्ढ़े की संरचना भूमि की सतह के ऊपर से तीन फीट नीचे मिली है। उनका कहना था कि सहारनपुर का इतिहास बहुत समृद्ध है ऐसी घटनाएं जब होती है तो आम जनमानस के लिए कौतूहल होती है। यहां केवल कूप जैसा गड्ढ़ा है, यदि खुदाई होती है तो कई और चीजें सामने आने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता।
पुरातत्व अधिकारी डा.यादव ने बताया कि कुएं संबंधी जांच रिपोर्ट उनके द्वारा निदेशक पुरातत्व को सौंप दी गई है। कुएं की आकृति 200-250 वर्ष उत्तर मध्यकालीन है। उधर जिला प्रशासन द्वारा कुएं के आसपास बेरिकेडिंग की गई है। निकट ही तैनात पुलिसकर्मी मस्जिद स्थल और आसपास निगरानी कर रहे हैं।
