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सहारनपुर में श्रम विभाग का संविदाकर्मी सहायक लेखाकार रिश्वत लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:46 PM (IST)

श्रम विभाग के संविदाकर्मी सहायक लेखाकार अभिषेक मित्तल को सहारनपुर में ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है।

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जागरण संवाददाता, सहारनपुर। एंट्री करप्शन की टीम ने श्रम विभाग में संविदाकर्मी के रूप में तैनात सहायक लेखाकार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। वहीं जिस संप्रति श्रम प्रवर्तन अधिकारी के कहने पर आरोपित ने रिश्वत मांगी थी, एंटी करप्शन की टीम उसकी भी तलाश में जुटी है।

यह है पूरा मामला

एंटी करप्शन थाना प्रभारी कुशलवीर सिंह ने बताया कि देवबंद के गांव जटौल निवासी जयकुमार ने मामले की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पुत्री निष्ठा से मातृत्व शिशु व बालिका मदद योजना की अनुदान राशि दिलाने के नाम पर पैसे मांगे गए।

श्रम विभाग में संविदाकर्मी सहायक लेखाकार के रूप में तैनात अभिषेक मित्तल निवासी विनय विहार ने उससे पैसे मांगे। आरोपित का कहना है कि उसने श्रम प्रवर्तन अधिकारी ओम प्रकाश के कहने पर रिश्वत मांगी। टीम ने उप श्रमायुक्त के कार्यालय के अंदर से दोपहर साढ़े तीन बजे अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया।

साथ ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपितों के खिलाफ थाना सदर बाजार में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एंट्री करप्शन थाना प्रभारी कुशलवीर सिंह ने बताया कि दूसरे आरोपित ओमप्रकाश गौतम की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

यह पकड़े जा चुके रिश्वत लेते हुए

  • सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता आशीष सक्सेना को मई 2026 में विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर एक मेडिकल स्टोर पर 20,000 रुपये की घूस लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने दबोचा था। यह रिश्वत शिकायतकर्ता का एक काम आगे बढ़ाने के एवज में मांगी गई थी।
  • बिजली विभाग के एसडीओ विजिलेंस टीम ने लालवाला रोड स्थित बिजली विभाग कार्यालय में छापा मारकर एक आटा चक्की के लिए 6 किलोवाट बिजली कनेक्शन और सर्वे रिपोर्ट सही करने के नाम पर 20,000 रुपये की घूस लेते हुए समेत दो लोगों को रंगे हाथों देवबंद में जून में गिरफ्तार किया था।
  • जून 2026 में तीतरों थाना परिसर में तैनात दरोगा देशपाल सिंह को एंटी करप्शन की मेरठ टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके खिलाफ नानौता थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
  • मई 2026 में विजिलेंस की टीम ने राजस्व अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।