पराली जलाई तो खैर नहीं! प्रशासन की पहल पर 30 समितियों का गठन, गांव-गांव रखी जाएगी नजर
सहारनपुर प्रशासन ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए 30 समितियों का गठन किया है। ये समितियां ग्राम पंचायत ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
पराली जलाने पर अंकुश लगाने को 30 समितियां गठित।
ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक निगरानी व्यवस्था तेज।
उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। धान की कटाई का सीजन शुरू होते ही पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है। खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर ब्लाक, तहसील और जिला स्तर तक करीब 30 समितियों का गठन किया गया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और पराली जलाने की घटना सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन का जोर किसानों को जागरूक करने के साथ ही खेतों में पराली जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने पर है। धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसल की बुआई के लिए तैयार करने की जल्दबाजी में कुछ किसान पराली जला देते हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में धुआं फैलता है और वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहता है। इसके साथ ही खेतों की मिट्टी में मौजूद उपयोगी जीवों और पोषक तत्वों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन जरूरी है।
पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिले के सभी 11 ब्लाकों में निगरानी समितियां गठित की गई हैं। इसके अलावा पांचों तहसीलों और जिला स्तर पर भी समितियां बनाई गई हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि खेतों में फसल अवशेष जलाने की किसी भी घटना की जानकारी समय रहते मिल सके। स्थानीय स्तर पर निगरानी होने से प्रशासन को घटनाओं का पता लगाने और संबंधित किसानों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
पिछले वर्ष पराली जलाने के मामलों में पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिनमें किसानों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसे देखते हुए इस बार धान कटाई के सीजन में निगरानी व्यवस्था को सक्रिय रखा जा रहा है। समितियों के माध्यम से गांवों में नजर रखी जाएगी, ताकि कोई किसान फसल अवशेषों को आग के हवाले न करे। पराली जलाने की सूचना मिलने पर संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सकेगी।
पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा
धान कटाई के दौरान गठित समितियों पूरा काम करेंगे। अवशेष जलाने के मामलों पर नजर रखी जाएगी। गांव स्तर पर निगरानी, समय पर सूचना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई से पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।
-संदीप कुमार, डीडी एग्रीकल्चर सहारनपुर।
