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जागरण विमर्श: सहारनपुर के विकास व भविष्य की योजनाओं पर मंथन, महापौर बोले- 104 नालों को STP से जोड़कर सीवर किए जाएंगे साफ

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 28 Oct 2026 06:57 PM (IST)

जागरण विमर्श में सहारनपुर के विकास और भविष्य की योजनाओं पर गहन मंथन हुआ, जिसमें महापौर ने 104 नालों को ...और पढ़ें

जागरण विमर्श कार्यक्रम में विचार रखते (बाएं से) महापौर डा.अजय कुमार, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सीपी सिंह और सीआइएस के संस्थापक रविंद्र मिगलानी। जागरण

जागरण विमर्श कार्यक्रम में विचार रखते (बाएं से) महापौर डा.अजय कुमार, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सीपी सिंह और सीआइएस के संस्थापक रविंद्र मिगलानी। जागरण

HighLights

  1. जागरण विमर्श में बदलता-बढ़ता सहारनपुर को लेकर हुआ मंथन।

  2. महापौर और लोनिवि के मुख्य अभियंता ने रखा विजन।

नवनीत शर्मा, सहारनपुर। दिल्ली रोड स्थित होटल ओएसिस में सजे जागरण विमर्श के मंच पर सहारनपुर के विकास और भविष्य की योजनाओं पर मंथन हुआ। सहारनपुर के स्मार्ट सिटी में शामिल होने और यहां हो रहे विकास पर जहां महापौर डा.अजय सिंह ने अपनी बात रखी और अभी तक किराए विकास को लेकर विस्तार से बताया।

साथ ही भविष्य की योजनाओं पर हुई चर्चा में बताया कि शहर के सीवर को पांवधोई और ढमोला में गिरने से रोकने के लिए 104 नालों को नए एसटीपी प्लांट से जोड़ा जा रहा है, जिसका लाभ सारे शहर को होगा। ऐसे ही प्रदूषण को लेकर भी मंच से चिंता जताते हुए समस्या के निदान को लेकर भी सुझाव आए।

लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने भी शहर की सड़कों से लेकर मुख्य मार्गों को लेकर विभाग की योजना को साझा किया। कार्यक्रम में मौजूद शहर वासियों ने भी सवाल उठाकर अपनी जिज्ञासा को शांत हीं नहीं किया, समाधान भी मांगा।

जागरण विमर्श के प्रथम सत्र में सहारनपुर के विकास की बात के साथ कई गंभीर सवाल भी सामने आए। नगर से निकलने वाले सीवर को नाले में बहाने के सवाल पर महापौर डा. अजय सिंह ने प्लान साझा किया। बताया कि नगर से निकलने वाले छोटे-बड़े नालों की संख्या 104 है। इन नालों को आपस में जोड़कर इनके दूषित पानी को नए एसटीपी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।

नए एसटीपी प्लांट की क्षमता भी 150 एमएलडी होगी। ऐसे ही कूड़ा नितारण को लेकर बताया कि अब करीब सौ प्रतिशत घरों से कूड़े का उठान कर निष्पादित किया जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण पर चर्चा हुई तो बताया कि वर्तमान में शिमला जैसे शहर में भी प्रदूषण की समस्या है।

हमारा जोर इस बात पर है कि जिन उद्योगों से अधिक प्रदूषण होता है, वहां आधुनिक तकनीक का प्रयोग कराकर प्रदूषण को कम किया जाए। शहर में विकट होती जाम की समस्या को लेकर बताया कि शहर में अभी दो मल्टीलेवल पार्किंग है, लेकिन कई बार लोग बाजार में खरीदारी करने आते हैं तो वाहनों को भी बाजार के अंदर ले आते हैं।

ऐसे लोगों को समझाकर जागरूक किया जाएगा। मंच पर मौजूद सीआइएस के संस्थापक अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने भी शहर के विकास और यहां मौजूद समस्याओं काे उठाया। बताया कि जाम की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बस अड्डे को बार-बार मांग करने के बाद भी शहर से बाहर नहीं किया जा सका है। कुछ साल पहले तक सहारनपुर काले टापू की तरह था। यहां सड़कों का हाल बुरा था। लेकिन अब स्थिति सुधरी है और दिल्ली भी दो घंटे में पहुंचा जा सकता है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवा को लेकर सवाल उठाया और बताया कि सहारनपुर में मेडिकल कालेज तो बना, लेकिन सुविधाएं यहां नहीं है। अभी भी उपचार के लिए बाहर ही जाना पड़ता है। ऐसे ही सिटीजन चार्टर पूरी तरह से लागू न होने को लेकर भी पीड़ा को रखा।

मंच पर मौजूद लोनिवि के मुख्य अभियंता सीपी सिंह ने बताया कि बरसात में खराब हुई सड़कों की मरम्मत कर दी गई है। नई सड़कों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे गए हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों में बनने वाली सड़कों के प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।