सहारनपुर : राष्ट्रीय मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन हिमाचल प्रदेश के प्रधान वैज्ञानिक डा. शैलजा वर्मा व डा. सुनिल वर्मा ने मशरूम उत्पादन यूनिट का निरीक्षण करने के साथ ही मशरूम उत्पादन से जुड़े युवाओं से चर्चा की।

बता दें कि सहारनपुर कृषि विज्ञान केंद्र ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रेरित करने के अलावा मशरूम उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जिले में मशरूम उत्पादन को ओर गति देने के लिए निदेशालय की टीम केंद्र के भ्रमण को पहुंची थी। डा. सुनील कुमार ने बताया कि सहारनपुर कृषि विज्ञान केंद्र यहीं नहीं, बल्कि कई प्रदेशों में मशरूम उत्पादन तकनीक को प्रसारित करने में लगा है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से मशरूम उत्पादन तकनीकी प्रशिक्षण हेतु सीधे ग्रामीण युवाओं को अनुसंधान निदेशालय से जोड़कर तकनीकि प्रसार किया जाएगा।

कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी एवं मशरूम विशेषज्ञ डा. आइके कुशवाहा ने बताया कि जिले में तीन हजार से अधिक ग्रामीण युवा मशरूम उत्पादन से जुड़े हैं। बताया कि इस वर्ष जिले का मशरूम उत्पादन लगभग 350 टन से अधिक रहा है। उत्पादन बढ़ने के कारण यहां मशरूम हब बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ताकि स्थानीय स्तर पर ही उत्पादकों को अधिक मूल्य मिल सके। इस दौरान केन्द्र के वैज्ञानिक व मशरूम उत्पादक युवा मौजूद रहे।

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