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17.29 करोड़ के नकली करेंसी मामले में NIA को बड़ी कामयाबी, मुख्य आरोपित PNB का निलंबित चेस्ट मैनेजर गिरफ्तार 

By Manish Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 09 Sep 2026 06:10 AM (GMT+05:30)

Saharanpur News: NIA ने PNB करेंसी चेस्ट से बरामद 17.29 करोड़ रुपये की नकली मुद्रा मामले में मुख्य आरोपित अमित कुमार को गिरफ्तार किया है।

प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रतीकात्‍मक फोटो

HighLights

  1. अन्य फरार आरोपितों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश जारी

  2. सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट में जाली मुद्रा का मामला

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की सहारनपुर करेंसी चेस्ट से बरामद 17.29 करोड़ रुपये की नकली मुद्रा के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मामले में फरार चल रहे निलंबित पूर्व चेस्ट मैनेजर और एफआइआर में नामजद मुख्य आरोपित जगाधरी करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को एनआइए ने गिरफ्तार कर लिया है।

अमित की गिरफ्तारी को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। अब एजेंसी की निगाह नकली नोटों के पूरे नेटवर्क, बैंक के भीतर उनकी एंट्री और इस खेल में शामिल अन्य चेहरों पर हैं। अमित की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क के कई गहरे राज से पर्दा उठना तय माना जा रहा है।

29 अगस्त 2026 को सदर बाजार थाना पुलिस को पीएनबी की सहारनपुर करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने की सूचना मिली थी। इस मामले में पीएनबी के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे एक में नकली नोट मिलने का मामला था, जबकि दूसरे मामले में पार्ट टाइम हाउसकीपर के द्वारा रुपए चोरी करने का मामला था।

करेंसी चेस्ट जैसी सुरक्षित व्यवस्था में इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने से बैंकिंग तंत्र में हड़कंप मच गया था। शुरुआती जांच में पीएनबी के मंडल प्रबंधक रवि कांसे, सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सुशील कुमार व जगाधरी में पीएनबी की करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार की भूमिका सामने आई थी।

इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों को निलंबित कर दिया। सदर बाजार थाने में इस मामले में एफआईआर संख्या 0431/2026 दर्ज की गई। मामले की गंभीरता और नकली भारतीय मुद्रा से जुड़े संभावित नेटवर्क को देखते हुए एनआईए ने 3 सितंबर 2026 को जांच अपने हाथ में ले ली। जांच आगे बढ़ी तो अमित कुमार को फरार आरोपित के रूप में चिह्नित किया गया।

एजेंसी ने उसकी तलाश तेज की और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपित अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद एनआइए अब उससे पूछताछ के जरिए यह जानने में जुटेगी कि 17.29 करोड़ की नकली करेंसी कहां से आई? इसे करेंसी चेस्ट तक किसने पहुंचाया? बैंक के अंदर इसे खपाने या सुरक्षित रखने में किन लोगों की भूमिका रही?

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह मामला महज बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत तक सीमित है या इसके पीछे नकली नोटों का कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था। नकली करेंसी के स्रोत और इसके अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।

अन्य आरोपितों पर भी शिकंजे की तैयारी

एनआईए के रडार पर अब इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध भी हैं। एजेंसी बैंक के रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में नकदी की आवाजाही और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका समेत तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। एसपी अभिनंदन ने बताया कि जगाधरी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को एनआइए ने गिरफ्तार कर लिया है। एनआइए अमित कुमार से अपने स्तर से पूछताछ करेगी।

दिनभर रखा गया रिजर्व पुलिस लाइन में

एनआइए ने अमित कुमार को मंगलवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे रिजर्व पुलिस लाइन में रखा गया था। इस दौरान बाहरी लोगों व मीडिया के प्रवेश पर भी पुलिस लाइन में प्रतिबंध लगाया गया था।