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पीएम सूर्य घर योजना: किराए के मकान पर सोलर पैनल लगवाने से पहले नया नियम जानना जरूरी; केवल बिजली बिल से नहीं मिलेगा लोन

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 29 Aug 2026 06:50 AM (IST)

PM Surya Ghar Yojana: पीएम सूर्य घर बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के नियमों में सख्ती की गई है। अब केवल बिजली बिल से लोन नहीं मिलेगा।

AI जेनरेटिड फोटो।

AI जेनरेटिड फोटो।

HighLights

  1. फर्जीवाड़े रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने को नियमों में बड़ा बदलाव।

  2. बिना एनओसी के आवेदन को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा

दीपक प्रजापति, सहारनपुर। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने वालों के लिए अब प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो गई है। सोलर कनेक्शन के नाम पर सामने आ रही गड़बड़ियों और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को रोकने के लिए विभाग ने लोन स्वीकृति के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।

अब सिर्फ बिजली बिल दिखाकर सोलर लोन हासिल नहीं किया जा सकेगा। लोन के लिए आवेदक को संबंधित संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया में अब दस्तावेजों की जांच और कड़ी होगी। सोलर कनेक्शन के नाम पर लोन लेने में सामने आ रही गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े की शिकायतों के बाद विभाग ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल बिजली बिल की कापी जमा करने से सोलर लोन की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।

आवेदक को संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। नए नियम के अनुसार सोलर लोन उसी व्यक्ति के नाम पर मंजूर किया जाएगा, जिसके नाम संबंधित मकान या जमीन की रजिस्ट्री होगी। आवेदन में दिए गए विवरण और संपत्ति के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यदि आवेदक के नाम संपत्ति दर्ज नहीं है तो उसे मकान मालिक की लिखित एनओसी प्रस्तुत करनी होगी।

बिना एनओसी के आवेदन को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और उसे निरस्त किया जा सकता है। विभाग के सामने सोलर लोन और कनेक्शन को लेकर अनियमितताओं की कई शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान ऐसे मामले सामने आने की बात कही गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की संपत्ति पर वैध अधिकार होना जरूरी है। दस्तावेजों की जांच के बाद ही लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यदि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो आवेदन को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।

किराएदारों के लिए मकान मालिक की अनुमति जरूरी

किराए के मकान में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं। यदि बिजली कनेक्शन आवेदक के नाम है, लेकिन मकान या जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम नहीं है, तो उसे मकान मालिक की एनओसी लगानी होगी। एनओसी में मकान मालिक की ओर से सोलर पैनल लगाने की अनुमति होना जरूरी होगा।

बिना एनओसी के ऐसे आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा और उसे निरस्त किया जा सकता है। इससे किराए के मकानों में बिना मालिक की जानकारी के सोलर सिस्टम लगाने या योजना का लाभ लेने की कोशिशों पर भी रोक लगेगी।

पहले बिजली बिल से हो जाता था काम

अब तक सोलर लोन की प्रक्रिया में बिजली बिल को प्रमुख दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। कई मामलों में आवेदक बिजली बिल की प्रति जमा कर लोन की प्रक्रिया शुरू करा लेते थे। विभाग के पास शिकायतें पहुंचने के बाद जब दस्तावेजों की जांच की गई तो कई स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं।

शिकायतों के मुताबिक कुछ लोगों ने ऐसी संपत्तियों के आधार पर सोलर लोन लेने का प्रयास किया, जिनके वे वास्तविक मालिक नहीं थे। कुछ मामलों में किराए के मकान पर भी मालिक की अनुमति के बिना योजना का लाभ लेने की कोशिश की गई। इसके अलावा गलत या अपूर्ण दस्तावेजों के जरिए पात्रता हासिल करने की शिकायतें भी सामने आईं।

इन्होंने कहा

नए नियमों के तहत आवेदन की जांच में संपत्ति के स्वामित्व को विशेष महत्व दिया जाएगा। बिजली बिल के साथ रजिस्ट्री और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। किराएदार या गैर-मालिक आवेदक के मामले में मकान मालिक की एनओसी अनिवार्य होगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजना में पारदर्शिता बढ़ाना और वास्तविक लाभार्थियों को ही सोलर लोन व सब्सिडी का लाभ दिलाना है। दस्तावेजों की सख्त जांच से फर्जी आवेदन और दूसरे की संपत्ति के नाम पर लोन लेने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
-आरबी वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर यूपी नेड़ा सहारनपुर।