सहारनपुर, टीम जागरण। नकुड़ एसडीएम के आदेश पर करीब छह माह पूर्व ग्राम समाज की भूमि को अवैध कब्जा मुक्त कराकर प्रधान की सुपुर्दगी में दिए जाने के बावजूद विपक्षी इस जमीन पर खड़ी फसल काट रहे हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से क्षुब्ध महिला प्रधान ने फसलों की कटाई के लिए अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है।

गांव सहस्त्रपुर जट के गैर आबाद मजरा मन्नी माजरा की 176 बीघा कृषि भूमि पर खड़ी गन्ना की फसलों को तत्कालीन एसडीएम हिमांशु नागपाल ने गत वर्ष 28 जून राजस्व टीम को साथ लेकर ट्रैक्टरों से जुताई कर कब्जा मुक्त करा प्रधान ललिता रानी के पति संजीव कुमार की सुपुर्दगी में जमीन दी थी। कब्जा धारकों ने एसडीएम की कार्रवाई के विरुद्ध मंडलायुक्त सहारनपुर की कोर्ट में वाद दायर किया था। परंतु मंडलायुक्त ने सभी तथ्यों के ²ष्टिगत गत वर्ष दो नवंबर को इस अपील को खारिज कर दिया था। ग्राम प्रधान ललिता रानी ने बताया कि गन्ना की खड़ी फसल जुताई के बावजूद दोबारा से उग आई थी। अब इस खड़ी फसलों को विपक्षी लोग गत अक्तूबर माह से लगातार काट कर बेच रहे हैं, जिसकी लिखित सूचना एसडीएम को 26 अक्तूबर, 26 नवम्बर, संपूर्ण समाधान दिवस पर व एडीएम वित्त सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगातार दी गई। परंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे अवैध तरीके से फसलों को काट रहे लोगों के हौसले बुलंद हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि यदि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है तो उसके पति को जमीनों की दी गई सुपुर्दगी वापस ली जाए। उधर एसडीएम अजय कुमार अम्बुष्ट से इस बाबत संपर्क नहीं हो सका है।

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