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अब 'कुली' नहीं वसूल पाएंगे ज्यादा पैसे, उत्तर रेलवे का औचक जांच अभियान शुरू, 13 पोर्टरों पर एक्शन

By Ajay Saxena Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 17 Aug 2026 07:18 PM (IST)

उत्तर रेलवे ने यात्रियों से अधिक वसूली रोकने के लिए लाइसेंसधारी पोर्टरों के खिलाफ औचक जांच अभियान चलाया है। इस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

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HighLights

  1. उत्तर रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर चलेगा अभियान।

  2. यात्रियों को निर्धारित टैरिफ ही देने की सलाह दी गई।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। रेलवे स्टेशनों पर अब पोर्टर (कुली) यात्रियों से मनमानी वसूली नहीं कर पायेंगे। रेलवे द्वारा लाइसेंसधारी पोर्टरों के विरुद्ध औचक एवं डिकाय जांच अभियान तेज कर दिया है। निर्धारित टैरिफ से अधिक वसूली के दोषी पाए जाने वाले पोर्टरों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।

नारदर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों को निर्धारित टैरिफ के अनुसार ही पोर्टर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर रेलवे ने लाइसेंसधारी पोर्टरों के विरुद्ध औचक एवं डिकाय जांच अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों से किसी भी प्रकार की मनमानी अथवा निर्धारित दर से अधिक वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाना है।

उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में नई दिल्ली, दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन एवं आनंद विहार टर्मिनल पर की गई विशेष जांच के दौरान कई लाइसेंसधारी पोर्टर निर्धारित टैरिफ से काफी अधिक राशि मांगते एवं स्वीकार करते पाए गए, अभियान के दौरान कुल 13 पोर्टर मामलों का पता चला है। कुछ मामलों में पोर्टरों द्वारा यात्रियों से मनमानी राशि पर सौदेबाजी करने तथा यूपीआई व क्यूआर आधारित डिजिटल भुगतान लेने के प्रमाण मिले।

एक मामले में पोर्टर के पास पहचान-पत्र नहीं पाया गया, जबकि एक ने अपनी पहचान बताने से इनकार किया। मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पोर्टरों के बैज तत्काल जब्त व ड्यूटी से हटाकर अग्रिम आदेश तक रोकने की कार्रवाई तथा लागू नियमों एवं लाइसेंस शर्तों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि अधिक वसूली के विरुद्ध मजबूत निवारक प्रभाव पैदा करना और यात्रियों के हितों की रक्षा करना है। रेलवे का यात्रियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि केवल निर्धारित टैरिफ का भुगतान करें, अधिक वसूली की शिकायत तुरंत करें। उन्होंने बताया कि उत्तर रेलवे के सभी मंडलों एवं प्रमुख स्टेशनों पर औचक एवं डिकाय जांच का यह अभियान व्यापक रूप से चलाया जाएगा।