सहारनपुर, जेएनएन। जिला पुलिस को चकमा देकर 12 साल पहले परिवार के साथ पाकिस्तान भागे फैजान का अदालत से रेड-कार्नर नोटिस जारी कराने में पुलिस फेल हो चुकी है। पांच हजार के इनामी कुख्यात का नोटिस जारी कराने में जो भी साक्ष्य अदालत चाहती है। उसे पुलिस उपलब्ध ही नहीं करवा पाती। साल 2018 से पुलिस लगातार हाईकोर्ट में काउंटर शपथ पत्र दे रही है, लेकिन हो कुछ नहीं रहा।

फरार फैजान 1996 में पाकिस्तानी कारतूस तथा 2007 में नकली नोट के साथ पकड़ा गया था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद से उसका कुछ पता नहीं चला।

कोतवाली शहर के मोहल्ला जाफर नवाज स्थित मकान नंबर 4/11 ख्वाजा अहमद सराय शाहमदार का रहने वाला फैजान पुत्र रफीक बेहद शातिर है। उसके ऊपर सहारनपुर के विभिन्न थानों में दस मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकार्ड में इस पर पांच हजार का इनाम भी चल रहा है। फैजान के ऊपर 1996 में पहला मुकदमा मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का दर्ज हुआ था। इसके बाद यह जरायम की दुनिया में आगे ही बढ़ता चला गया। उसी साल फैजान को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 538 पाकिस्तानी कारतूसों के साथ दबोचा था। दिल्ली पुलिस ने इस पर दो मुकदमें दर्ज किए थे। एक बरामदगी तो दूसरा मुजामत (पुलिस विरोध) करने का। कारतूस बरामदगी का मुकदमा तो आज भी विचाराधीन है, लेकिन मुजामत में फैजान दोषमुक्त हो गया था। सहारनपुर में अंतिम बार फैजान साल 2007 में भारतीय नकली नोटों व तमंचा-कारतूस के साथ पकड़ा गया था, लेकिन चंद महीनों बाद उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी। केस आज भी विचाराधीन है। जमानत पर रिहा होने के बाद फैजान रातो-रात अपनी संपत्ति बेच कर कहां गायब हो गया। यह आज तक भी किसी को खबर नहीं। फैजान परिवार समेत भाग चुका है। इसका पता भी पुलिस को तब लगा, जब हाईकोर्ट से बार-बार शमन आने के बाद भी फैजान कोर्ट नहीं पहुंचा। 2018 से कई बार एसएसपी की तरफ से हाईकोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल किया जा चुका है, जिसमें परिवार के साथ फैजान के पाकिस्तान भागने के बारे में लिखा है और अदालत से रेड-कार्नर नोटिस जारी करने की मांग की। इस पर अदालत तभी से प्रयाप्त साक्ष्य मांग रही है लेकिन आज तक पुलिस हवाई बातों के सिवाए कोई पुख्ता साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। इसी वजह से अदालत ने फैजान का रेड-कार्नर नोटिस के बजाए पिछले साल वारंट जरूर जारी कर दिया था।

फैजान की पत्नी है पाकिस्तान की नागरिक

फैजान की पत्नी शमीमा मूलरूप से पाकिस्तान की है। निकाह के बाद शमीमा ने भारतीय नागरिकता भी नहीं ली थी। पुलिस की नाक के नीचे फैजान ने कारतूस व नकली नोटों की सप्लाई से अच्छी-खासी संपत्ति भी बना ली थी, मगर पुलिस को कुछ खबर नहीं लगी। हैरानी की बात तो यह है कि फरारी से पहले फैजान यहां की अपनी सारी संपत्ति गुपचुप तरीके से बेच चुका है।

इन्होंने कहा..

फैजान के मामले में उनकी तरफ से हाईकोर्ट में लगातार पैरवी की जा रही है, ताकि उसका रेड कार्नर नोटिस जारी हो सके। अदालत ने जो भी दस्तावेज मांगे थे, उन्हें उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जल्द ही अदालत से मांग कर फैजान का रेड कार्नर नोटिस जारी करवाया जाएगा।

दिनेश कुमार पी, एसएसपी, सहारनपुर।

Posted By: Jagran

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