सहारनपुर, जेएनएन: पिछले तेरह वर्षों से अस्थाई बिल्डिग में चल रही तहसील की स्थाई बिल्डिग के लिए प्रशासन जमीन की तलाश नहीं कर पाया है। प्रशासन द्वारा जिन जमीनों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए। उनमें से एक प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, अब विधायक ने गुरुवार को लखनऊ में इस संबंध में मुख्यमंत्री से बातचीत कर तहसील के लिए स्थाई बिल्डिग बनाने की मांग की है।

ज्ञात रहे वर्ष 2007 में बसपा की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मुख्यमंत्री पद पर आसीन होते ही रामपुर मनिहारान को तहसील का दर्जा दिया था। मुख्यमंत्री की घोषणा के अगले दिन ही तहसील के कार्यालय आरंभ हो गए थे। तहसील के पास अपनी स्थाई बिल्डिग न होने के कारण मंडी समिति की खाली पड़ी बिल्डिग में अस्थाई तहसील स्थापित कर दी गई थी। पिछले 13 वर्षों से तहसील स्थाई रूप से मंडी समिति की जर्जर बिल्डिग में ही चल रही है। स्थाई तहसील के लिए कई बार एसडीएम द्वारा प्रयास किए गए, लेकिन वे सफल नहीं हुए। जितने भी प्रस्ताव तहसील से जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजे गए। वे सभी फेल हो गए। पिछले दिनों प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा बाल विकास पुष्टाहार एवं राजस्व विभाग की एमओएस मंत्री अनुपमा जायसवाल ने स्थाई तहसील की बिल्डिग बनवाने के लिए उपलब्ध जमीन के बारे में जिलाधिकारी से जानकारी ली थी।

घोषणा के बाद अन्य तहसील बिल्डिग का हो चुका है निर्माण

जिस समय रामपुर मनिहारान को तहसील बनाने की घोषणा की गई थी उस समय प्रदेश में जानसठ, ऊन को भी तहसील घोषित किया गया था, जिनकी बिल्डिग बन चुकी है, लेकिन प्रशासन को रामपुर मनिहारान तहसील के लिए 13 साल बाद भी जमीन नहीं मिल सकी है।

तहसील के पास अपनी स्थाई बिल्डिग हो यह मेरा प्रथम प्रयास : निम

गुरुवार को रामपुर मनिहारान विधानसभा के भाजपा विधायक देवेन्द्र निम ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्थाई तहसील के लिए जमीन व बिल्डिग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ताकि क्षेत्रवासियों को तहसील की स्थाई बिल्डिग मिल सके। विधायक ने फोन पर लखनऊ से बताया कि मुख्यमंत्री जी ने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

Posted By: Jagran

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