सहारनपुर, जेएनएन। साहित्य भूषण राजेन्द्र राजन के निधन से पूरा साहित्य जगत शोक में डूबा है। देशभर में उनके चाहने वालों व साहित्यकारों ने शोक व्यक्त करते हुए इसे हिन्दी जगत की अपूरणीय क्षति कहा है। साहित्यिक संस्था विभावरी व समन्वय ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

गीतकार डा. विजेंद्र पाल शर्मा, कवि सुरेश सपन, सहारनपुर के पूर्व कमिश्नर व साहित्यकार आरपी शुक्ल ने राजन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राजन का जाना साहित्य जगत की बड़ी क्षति है। साहित्यकार डा.वीरेन्द्र आजम ने कहा कि उनके अवसान से सहारनपुर में गीत गूंगा हो गया है। कवि विनोद भृंग, कवि नरेन्द्र मस्ताना, कवि हरिराम पथिक, समन्वय के अध्यक्ष डा. ओपी गौड़ व सचिव डा. आरपी सारस्वत ने शोक व्यक्त किया। राजेन्द्र राजन के गीत शिष्य मोहित संगम ने भारी मन से कहा कि मेरे गीतों को गति देने वाला चला गया। इसके अलावा कृष्ण शलभ स्मृति संस्थान की अध्यक्ष हेम शलभ, मनीष कच्छल व डा.अनीता, आदि ने भी शोक व्यक्त किया है।

मुंबई में भी राजन के चाहने वालों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने राजेंद्र राजन के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हास्य कवि एवं टीवी कलाकार डा. मुकेश गौतम ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। फिल्म गीतकार प्रमोद कुश तन्हा, कवि हृदयेश मयंक, सुभाष काबरा ने राजेंद्र राजन के असामयिक निधन को मंचों की बड़ी क्षति बताया है। वरिष्ठ साहित्यकार डा. अमरेश सिन्हा ने कहा कि राजन के असमय जाने से मंचो को अच्छे गीतकार की कमी खलेगी। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य जावेद साबरी व जिला प्रवक्ता गणेशदत्त शर्मा ने भी राजेंद्र राजन के निधन को साहित्य जगत की बड़ी क्षति बताया।

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कला जगत में शोक

सहारनपुर: मानसी अभिनय गुरुकुल द्वारा शोक सभा कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। संस्था अध्यक्ष केके गर्ग ने राजेंद्र राजन की मृत्यु को व्यक्तिगत नुकसान बताया। इस अवसर पर पूनम गर्ग, हिमांशु गर्ग, शुभम शर्मा, रविद्र तेजियान, दिनेश तेजियान, योगेश धीमान, योगेश दहिया,चंदन, मोहित, स्वाति, रितिका, लावण्य, गिन्नी, हर्षिता, अलताफ, अजहर, शिवम, अदीबा, नितिन, आदित्य शर्मा, राम राजपूत, रवि कर्णवाल, रवि किरण, प्रिस, पारस, हर्ष, अभिनय, धीरज, सोहन, अभिषेक, दानिश शानू आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran